मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश के आसार, कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

जबलपुर/भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और अगले छह-सात दिनों तक पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश के संकेत हैं। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक 7 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई जगहों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 1 जुलाई को देररात तक प्रदेश के कुछ इलाकों में 20 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश दर्ज हो सकती है। खास तौर पर पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके चलते निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नालों और नदियों का जलस्तर बढ़ने और कुछ शहरी क्षेत्रों में अर्बन फ्लड जैसी स्थिति बन सकती है।पिछले 24 घंटों में भी प्रदेश के कई जिलों में जबरदस्त बारिश दर्ज की गई। मुरैना में 20 सेंटीमीटर, डिंडोरी में 16 सेंटीमीटर, ग्वालियर में 10 सेंटीमीटर, ओरछा और बड़ामलेरा (छतरपुर) में 15 सेंटीमीटर तक बारिश हुई।इसके अलावा नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, रीवा, टीकमगढ़, शहडोल समेत कई जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। जबलपुर में भी कभी रिमझिम तो कभी झमाझम बारिश हो रही है। नर्मदा नदी का जलस्‍तर भी बढ़ गया है।

मानसून की धाराएं हो गईं मजबूत

मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र झारखंड और आसपास के हिस्सों में सक्रिय है और यह धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इस सिस्टम के कारण मध्य प्रदेश में लगातार नमी आ रही है और मानसून की धाराएं मजबूत हो गई हैं।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 2 जुलाई और फिर 5 से 7 जुलाई के बीच प्रदेश के कुछ जिलों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूरे हफ्ते तक प्रदेश में अधिकतर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।

खेतों में जलभराव से बचाव के उपाय करें

विशेष चेतावनी के तहत मौसम विभाग ने किसानों और आम जनता को सलाह दी है कि लगातार भारी बारिश के कारण खेतों में जलभराव से बचाव के उपाय करें। शहरों में ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त रखने की जरूरत होगी ताकि जलजमाव की स्थिति न बने। यात्रियों को भी सलाह दी गई है कि बारिश के दौरान सड़क पर फिसलन और पानी भरे इलाकों में सावधानी से निकलें।

प्रदेश के लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर पर भी नजर रखने की जरूरत होगी, खासकर उन जिलों में जहां पहले से ही भारी बारिश हो चुकी है।

मध्य प्रदेश के लिए यह बारिश जहां खरीफ फसलों के लिहाज से वरदान साबित हो सकती है, वहीं लगातार और बहुत भारी बारिश से कुछ जगहों पर समस्याएँ भी खड़ी हो सकती हैं। मौसम विभाग ने कहा है कि मानसून फिलहाल बहुत सक्रिय है और अगले एक हफ्ते तक इसका असर प्रदेश के सभी इलाकों में देखने को मिलेगा।