राहुल के चुनावी आरोपों पर बीजेपी का पलटवार, सुधांशु त्रिवेदी बोले- दावों के आधार पर भी हो चर्चा

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग को लेकर लगाए गए आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी के दावों और उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए स्रोतों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।

रिपोर्ट के स्रोत और आधार पर सवाल

सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी की ओर से संदर्भित रिपोर्ट का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि उसमें जिन दावों का उल्लेख किया गया है, उनका प्रत्यक्ष आधार क्या है। उन्होंने पूछा कि क्या संबंधित रिपोर्ट में किसी चुनाव आयुक्त का प्रत्यक्ष बयान मौजूद है। भाजपा नेता ने कहा कि किसी रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर निष्कर्ष निकालने से पहले उसके स्रोत और तथ्यों की जांच जरूरी है।

एंटी-इनकम्बेंसी के तर्क पर भी जवाब

त्रिवेदी ने राहुल गांधी की ओर से उठाए गए एंटी-इनकम्बेंसी के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस के अलग-अलग राज्यों में लंबे समय तक सत्ता से बाहर रहने का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय राजनीति में सत्ता परिवर्तन और चुनावी परिणामों को केवल एक ही कारक के आधार पर नहीं समझा जा सकता।

रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा में कांग्रेस के लंबे समय तक सत्ता से बाहर रहने का उल्लेख किया। त्रिवेदी के अनुसार, इन राज्यों का चुनावी इतिहास एंटी-इनकम्बेंसी को लेकर राहुल गांधी के तर्क के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

चुनावी प्रक्रिया में बदलाव का उल्लेख

भाजपा प्रवक्ता ने चुनावी प्रक्रिया में समय के साथ हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने तकनीक, निगरानी व्यवस्था और मीडिया की मौजूदगी सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए चुनाव प्रक्रिया में आए बदलावों की बात कही।

त्रिवेदी ने राहुल गांधी के चुनावी प्रक्रिया से जुड़े दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावी हार-जीत के कारणों को केवल किसी एक संस्था या प्रक्रिया से जोड़कर देखना उचित नहीं है।

कांग्रेस-भाजपा के बीच बढ़ा राजनीतिक विवाद

भाजपा की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब राहुल गांधी ने गुरुवार को चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर गंभीर आरोप लगाए तथा उनके इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए हैं।

इसके जवाब में भाजपा राहुल गांधी के दावों के स्रोत, चुनावी इतिहास और एंटी-इनकम्बेंसी से जुड़े उनके तर्कों पर सवाल उठा रही है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।