
शहपुरा/जबलपुर। ग्राम फुलर भीटा में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस कथा व्यास श्रीमद् जगद्गुरु नृसिंह पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी नृसिंहदेवाचार्य जी महाराज ने श्रीमद्भागवत के अनेक महत्वपूर्ण प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्तिमय वातावरण में कथा का श्रवण किया।

महाराज श्री ने कथा के क्रम में राजा परीक्षित के जन्म, भगवान श्रीकृष्ण की कृपा, कुन्ती स्तुति तथा सुखदेव जी महाराज के आगमन जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का सुंदर वर्णन किया। परीक्षित जन्म प्रसंग सुनाते हुए महाराज श्री ने बताया कि भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं और जब भक्त पर संकट आता है तो प्रभु किसी न किसी रूप में उसकी रक्षा करते हैं।
कुन्ती स्तुति ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर
इसके पश्चात माता कुन्ती की स्तुति का भावपूर्ण वर्णन किया गया। महाराज श्री ने बताया कि माता कुन्ती ने विपरीत परिस्थितियों में भी भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा और विश्वास को बनाए रखा। उन्होंने सुख-दुःख दोनों परिस्थितियों में भगवान का स्मरण करते हुए परमात्मा की शरण को ही जीवन का सबसे बड़ा आधार माना। कुन्ती स्तुति के प्रसंग ने कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
राजा परीक्षित और सुखदेव जी के मिलन का प्रसंग
कथा में आगे राजा परीक्षित और सुखदेव जी महाराज के मिलन का प्रसंग सुनाया गया। महाराज श्री ने बताया कि जब राजा परीक्षित को अपने जीवन के अंतिम समय का ज्ञान हुआ, तब उन्होंने सांसारिक मोह का त्याग कर भगवान की कथा सुनने का संकल्प लिया। इसी समय परम ज्ञानी एवं महान संत शुकदेव जी महाराज वहां पहुंचे और राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत कथा का अमृत सुनाया। इसी पावन संवाद के माध्यम से संसार को श्रीमद्भागवत के दिव्य ज्ञान की प्राप्ति हुई।

भक्ति और सत्संग से जीवन को सार्थक बनाने का संदेश
महाराज श्री ने श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य का जीवन अनमोल है। जीवन की अनिश्चितता को समझते हुए प्रत्येक व्यक्ति को भगवान का स्मरण, सत्संग और कथा श्रवण करते हुए अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को भक्ति के साथ-साथ जीवन के वास्तविक उद्देश्य का बोध कराती है।
कथा के दौरान भजन-कीर्तन और भगवान के जयकारों से पूरा कथा पंडाल भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा के साथ कथा का श्रवण करते नजर आए।
3 अक्टूबर तक चलेगी श्रीमद्भागवत कथा
ग्राम फुलर भीटा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ 27 सितंबर से 3 अक्टूबर तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। कथा में ग्राम फुलर भीटा सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्मलाभ ले रहे हैं।
इन लोगों ने किया व्यास पीठ का पूजन
इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह, राम सिंह, वीरेंद्र सिंह और दशरथ सिंह ने व्यास पीठ का पूजन किया। कार्यक्रम में घनश्याम सिंह, सुखराम सिंह, रमेश सिंह, सत्यनारायण सिंह, ओंकार सिंह, पंचम सिंह, कल्याण सिंह, लवकुश सिंह, गुरवेंद्र सिंह, हिम्मत सिंह और रामकिशोर सिंह की उपस्थिति रही।