
जबलपुर। हमारे पूर्वजों ने अपनी हड्डियां भी दानकर आसुरी शक्तियों का नाश करने में सहायक बने हैं। जग कल्याण के लिए समर्पण भाव से कार्य करना चाहिए। भगवान के समक्ष बैठकर मन में मंथन करना चाहिए। भगवत आराधना कर विष का शमन हो जाता है और अमृत प्राप्त होता है। क्रोधी स्वभाव के व्यक्ति के पास लक्ष्मी नहीं जाती, इसलिए मृदु वाणी और प्रसन्न रहना चाहिए। भक्तों के कष्टों को दूर करने भगवान अवतरित होते हैं। कृष्ण लीला पुरुषोत्तम हैं और भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं।

भगवान के उत्सवों में उत्साह और उल्लास से सहभागी बनें
भगवान के उत्सवों में उत्साह, उमंग और उल्लास से सहभागी होने वाले के पुराने पापों का क्षय होने के साथ ही पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, क्योंकि बड़े-बुजुर्गों की पुण्याई से ही कलयुग में भी हरिनाम स्मरण करते हुए आप सभी आनंद उठा रहे हैं। भागवत श्रवण करते हुए संस्कार और संस्कृति के साथ पुण्य फल प्राप्त होता है।

भगवान के अवतारों की कथा का किया वर्णन
उक्त उद्गार भागवताचार्य स्वामी श्री अशोकानंद जी महाराज ने भगवान श्रीहरि के अवतारों की कथा प्रसंग में श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह के चतुर्थ दिवस व्यास पीठ से व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भगवान भक्तों के कष्टों को दूर करने के लिए अवतरित होते हैं। भगवान श्रीकृष्ण को लीला पुरुषोत्तम और भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम बताते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान की कथाओं से मिलने वाली प्रेरणाओं और संस्कारों के बारे में बताया।
पितृपक्ष में नर्मदा तट पर हो रहा भागवत महापुराण
भक्ति धाम गौरीघाट में पितृपक्ष के अवसर पर नर्मदा मैया के तट पर परम पूज्य भागवताचार्य स्वामी श्री अशोकानंद जी महाराज के श्रीमुख से 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक दोपहर 4 बजे से श्रीमद् भागवत महापुराण का श्रवण कराया जा रहा है। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर भागवत कथा का श्रवण कर रहे हैं।
भागवत सेवा समिति ने श्रद्धालुओं से की उपस्थिति की अपील
भागवत सेवा समिति के विधायक अशोक रोहाणी, विजय पंजवानी, दिलीप तलरेजा, गोविंद हिरानी, शमन आसवानी, नरेंद्र केसवानी, जयप्रकाश, प्रिया पंजवानी, जेठानंद खत्री, पप्पू लालवानी, गोपाल सावलानी, उमेश पारवानी, वेदान्त शर्मा, करिश्मा शर्मा, प्रतिभा विध्येश भापकर, जया लालवानी, हितिशा शर्मा, विनू माखीजा, ममता कुकरेजा, घनश्याम निरंकारी, पुष्पराज पंडित, लालू महाराज, अभिषेक और रामजी पुजारी ने श्रद्धालु भक्तों से कथा में उपस्थित होने का आग्रह किया है।
रिपोर्ट: विध्येश भापकर