
जबलपुर। स्टेमफ़ील्ड फाउंडेशन, अपोलो जबलपुर हॉस्पिटल और “सक्षम” संस्था के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को विजयनगर स्थित स्टेमफ़ील्ड स्कूल परिसर में एक विशाल निःशुल्क रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण पहल से 500 से अधिक मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा निःशुल्क परामर्श मिला और शासकीय अस्पताल के ब्लड बैंक के लिए 100 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया, जिससे रक्त की कमी से जूझ रहे मरीजों को जीवनदान मिलेगा।

सक्षम संस्था की सामाजिक पहल
“सक्षम” संस्था, जो जबलपुर के शासकीय ब्लड बैंकों में रक्त की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, विभिन्न स्थानों पर नियमित रूप से ऐसे रक्तदान और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करती रही है। यह विशेष शिविर पर्व जायसवाल और डॉ. अंकित सेठ के नेतृत्व में, समाजसेविका मधु जायसवाल के 70वें जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किया गया।
विशेषज्ञों द्वारा व्यापक स्वास्थ्य जांच
धर्म एवं स्वास्थ्य शिविर प्रचारक नितिन जैन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में अपोलो हॉस्पिटल, जबलपुर के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मधुमेह, हड्डियों से संबंधित रोगों के साथ-साथ हृदय संबंधी रोगों की भी गहन जांच की गई। गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को आगे की जांच और मुफ्त परामर्श के लिए अपोलो अस्पताल भेजा गया, जहां वरिष्ठ चिकित्सकों ने उनका मार्गदर्शन किया।

अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी सौरभ बड़ेरिया, रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव आशीष दीक्षित, यशभारत के संस्थापक आशीष शुक्ला, और रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3261 मीडिया चेयरमैन नितिन जैन थे। “सक्षम”, इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सहयोग से इस तरह के जन-कल्याणकारी आयोजन निरंतर जारी रहेंगे।
आयोजन में टीमों का योगदान
इस शिविर को सफल बनाने में मेडिकल कॉलेज के डॉ. शिशिर चिनपुरिया, जिला अस्पताल के डॉ. अमितोष भल्ला की टीम, एवं “सक्षम” से पीयूष जैन (महाकोशल प्रांत सचिव), डॉ. अंकित सेठ (प्राणदा प्रकोष्ठ महाकोशल प्रांत प्रमुख), सारांश अग्रहरि, संकेत मलैया, रेडक्रॉस सोसायटी के सुनील गर्ग तथा स्टेमफ़ील्ड फाउंडेशन की सुप्रिया जायसवाल आदि का विशेष सहयोग रहा।

स्वास्थ्य और मानवता की दिशा में सार्थक कदम
इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। “एक बोतल रक्तदान से 3 जीवन बचाने” की मुहिम में जुड़कर नगरवासियों ने इस शिविर को सफल बनाया, जो सामुदायिक एकजुटता और परोपकार का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।