जुलाई ने पूरे माह किया तर, अगस्‍त के पहले सप्‍ताह में भी बारिश का अलर्ट, जानें अपने जिले का हाल

अगस्त से सितंबर के बीच देशभर में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना

भोपाल/जबलपुर। मध्यप्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। बीते 24 घंटों में राज्य के कई जिलों में तेज बारिश और झोंकेदार हवाएं दर्ज की गईं। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटे के लिए इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल और उज्जैन सहित कई जिलों में गरज-चमक और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

कई संभागों में मध्यम से भारी बारिश, दतिया में सबसे ज्यादा

बीते 24 घंटे में इंदरगढ़ (119.0 मिमी), दतिया (101.7 मिमी), देवेंद्रनगर (84.2 मिमी), अंबाह (71.0 मिमी) सहित कई स्थानों पर मूसलधार बारिश हुई है। दतिया और मुरैना जिलों में अति भारी वर्षा दर्ज की गई है।

गुरुवार सुबह से नर्मदा नदी का जलस्‍तर में गिरावट देखी गई। गौरीघाट में जलमग्‍न हो चुकी दुकानें नजर आने लगी थी।

तापमान में गिरावट, कुछ जिलों में मौसम ठंडा

न्यूनतम तापमान की बात करें तो नरसिंहपुर और पचमढ़ी में 17.6°C, खंडवा में 18.0°C और खरगौन में 18.4°C दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान अमरकंटक में 23.5°C और पचमढ़ी में 23.6°C रहा। जबलपुर और सागर में 24.5°C दर्ज हुआ जबकि खजुराहो (32.8°C) सबसे गर्म रहा।

राजधानी भोपाल समेत कई संभागों में सामान्य से कम तापमान

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, शहडोल और सागर संभागों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3°C से 5°C तक कम रहा। उज्जैन और रीवा में भी तापमान सामान्य से लगभग 2°C कम रहा।

इन जिलों में आंधी और झोंकेदार हवाओं का प्रभाव

जबलपुर (47 किमी/घंटा), उज्जैन (46), आगर मालवा (43), पचमढ़ी और सीहोर (39) में तेज हवाएं चलीं। अन्य प्रभावित जिलों में गुना, इंदौर, बैतूल, शाजापुर, सागर और हरदा शामिल हैं।

एक अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार दतिया में अति भारी वर्षा की संभावना है। राजगढ़, मुरैना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भारी बारिश हो सकती है। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ, खरगोन, बड़वानी, खंडवा और देवास में गरज-चमक के साथ बारिश व तेज हवाओं का अलर्ट है।

कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना

बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, धार, इंदौर, उज्जैन, देवास, भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, रीवा, शहडोल, बालाघाट, छतरपुर, मंदसौर, सीधी, सागर, पन्ना, दमोह, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुर जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

मौसम प्रणाली की स्थिति

मानसून ट्रफ लाइन श्रीगंगानगर से डायमंड हार्बर तक सक्रिय है। एक ऊपरी हवा का चक्रवात दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश में सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी में एक अन्य ऊपरी चक्रवात के कारण मध्यप्रदेश में नमी बढ़ रही है, जिससे वर्षा की संभावना बनी हुई है।

देश के ज्यादातर हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जानकारी दी है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 2025 के दूसरे हिस्से यानी अगस्त से सितंबर के बीच देशभर में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है। अनुमान के अनुसार, इस दौरान देश में दीर्घकालिक औसत (LPA) का 106% या उससे अधिक बारिश हो सकती है।

कुछ हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा के संकेत

हालांकि, उत्तर-पूर्व भारत, इसके आसपास के पूर्वी हिस्से, मध्य भारत के कुछ क्षेत्र और प्रायद्वीपीय भारत के दक्षिण-पश्चिम हिस्सों में बारिश सामान्य से कम हो सकती है। बाकी अधिकांश इलाकों में सामान्य या सामान्य से अधिक वर्षा के संकेत हैं।

अगस्त 2025 में सामान्य बारिश की उम्मीद

मौसम विभाग के मुताबिक अगस्त 2025 में पूरे भारत में वर्षा सामान्य श्रेणी (LPA का 94% से 106%) में रहने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों को छोड़कर, जैसे कि मध्य भारत, पश्चिमी प्रायद्वीपीय क्षेत्र, उत्तर-पूर्व भारत और पूर्वी-उत्तर पश्चिमी भारत के कुछ हिस्से – वहां बारिश सामान्य से थोड़ी कम हो सकती है।

तापमान भी सामान्य रहने के संकेत

अगस्त 2025 में देश के कई हिस्सों में मासिक औसत अधिकतम तापमान सामान्य या उससे कम रह सकता है। हालांकि, उत्तर-पूर्व भारत, उत्तर-पश्चिम और दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान भी अधिकांश हिस्सों में सामान्य या उससे थोड़ा अधिक रहने की संभावना है, सिवाय उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों के जहां यह सामान्य से कम रह सकता है।

अल नीनो और IOD की स्थिति बनी तटस्थ

इस समय प्रशांत महासागर में अल नीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) की स्थिति तटस्थ बनी हुई है, और मौसम विभाग के अनुसार पूरे मानसून सीजन के दौरान यह स्थिति ऐसे ही बनी रहने की संभावना है। साथ ही, हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD) की स्थिति भी तटस्थ बनी हुई है, लेकिन मानसून के अंत तक इसमें हल्की नकारात्मक प्रवृत्ति आ सकती है।

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