

महाराज जी ने कहा कि जीवन में जब कोई साथ नहीं देता, तब धर्म और पुण्य ही मनुष्य का सच्चा सहारा बनते हैं। जब व्यक्ति संकट में होता है, तब उसके द्वारा किए गए सत्कर्म ही उसकी रक्षा करते हैं। धर्म मनुष्य को कभी नहीं छोड़ता।
प्रकृति से जुड़ना ही सच्चा धर्म
पूज्य नरसिंह देवाचार्य जी ने श्रीकृष्ण की लीलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बचपन में ही उन्होंने प्रकृति प्रेम, पशु-पक्षियों और वृक्षों की रक्षा और धर्माचरण का पाठ पढ़ाया। धर्म केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि प्रकृति और जीवों के प्रति संवेदनशीलता भी है।
महिला समिति का भक्ति योगदान
श्रीराम मंदिर महिला समिति की गीता पांडेय, सुनीता अरोड़ा, सुदेश खुराना, संगीता शर्मा, रुक्मणि अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल, अनीता अग्रवाल, संगीता सेठ, बीना मल्होत्रा, भावना मल्होत्रा, सविता भाटिया, शालू कपूर और अनिल चंडोक सहित अन्य सदस्याओं ने श्रीकृष्ण नंदोत्सव में सक्रिय भूमिका निभाई।
31 जुलाई से 7 अगस्त तक कथा आयोजन
पूज्य श्रीमद् जगतगुरु नरसिंह देवाचार्य जी महाराज के पावन सान्निध्य में यह श्रीमद् भागवत कथा 31 जुलाई से 7 अगस्त 2025 तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से श्रीराम मंदिर, मदन महल, जबलपुर में आयोजित की जा रही है। इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति देखी जा रही है।