
भोपाल। आयुष मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षक (टीचर) बनने के लिए अब नेशनल टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (एनटीईटी) क्वालीफाई करना अनिवार्य है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के माध्यम से नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (एनसीआईएसएम) और नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी (एनसीएच) द्वारा आयोजित एनटीईटी 2025 का परिणाम घोषित हो गया है।
इस परीक्षा के लिए 6261 आवेदकों ने पंजीकरण कराया था। 17 जुलाई 2025 को देशभर के 40 शहरों के 55 केंद्रों में कंप्यूटर आधारित मोड में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में यह परीक्षा आयोजित हुई। इसमें 6066 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें 2135 छात्र और 3931 छात्राएं थीं। यह जानकारी आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राकेश पाण्डेय ने दी है।
4107 सफल, 1959 असफल
परीक्षा परिणाम के अनुसार 4107 परीक्षार्थी क्वालीफाई हुए, जबकि 1959 असफल रहे। इसका मतलब है कि ये 1959 पीजी डिग्रीधारी आयुष डॉक्टर अब आयुर्वेद और होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों में शिक्षक बनने के लिए करीब छह माह बाद दोबारा परीक्षा देंगे।
टीचर बनने की अनिवार्य योग्यता
आयुष मेडिकल कॉलेजों में शिक्षक बनने के लिए बीएएमएस (यूजी डिग्री) के साथ एमडी-एमएस (पीजी डिग्री) की अनिवार्यता है। अब इसके साथ एनटीईटी पास करना भी जरूरी हो गया है।
कब तक देंगे आयुष डॉक्टर परीक्षा?
आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राकेश पाण्डेय ने कहा कि बीएएमएस में प्रवेश के लिए नीट टेस्ट, पीजी में प्रवेश के लिए एआईएपीजीईटी टेस्ट, और नौकरी के लिए एनटीईटी टेस्ट। आखिर कब तक आयुष डॉक्टरों को बार-बार परीक्षा देनी होगी?
एनसीआईएसएम और एनसीएच को चाहिए कि आयुष मंत्रालय, भारत सरकार से न्यूनतम क्वालीफाइंग मार्क्स को 50% से घटाकर 40% किया जाए।