पन्ना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 14 लाख की ठगी का खुलासा, झारखंड से दो आरोपी गिरफ्तार

आरोपियों के कब्जे से करीब 16 लाख रुपये की नकदी, सोना-चांदी और अन्य सामग्री जब्त

पन्ना। पन्ना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक गंभीर मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। थाना पवई में करीब 14 लाख रुपये की सायबर ठगी के प्रकरण में झारखंड के अंतर्राज्यीय सायबर अपराधियों के गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से करीब 16 लाख रुपये की नकदी, सोना-चांदी और अन्य सामग्री जब्त की गई है।

रिपोर्ट पर दर्ज हुआ था मामला

ग्राम सिमरिया गुलाब सिंह के निवासी, वार्ड क्रमांक 10 पवई में रहने वाले अशोक कुमार सोनी ने थाना पवई में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्तियों ने खुद को एसबीआई कार्ड अधिकारी बताकर उनके बैंक खाते से 14 लाख रुपये की ठगी की। इस पर थाना पवई में अपराध क्रमांक 341/25 धारा 318(4) बी एन एस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

तकनीकी विश्लेषण से पकड़े गए आरोपी

घटना की जांच के लिए पुलिस टीम गठित की गई। सायबर सेल की मदद से तकनीकी विश्लेषण, साक्ष्य और मुखबिर की जानकारी के आधार पर ठगी में शामिल दो आरोपियों को ग्राम ऊपर बिलेरिया, थाना पथरौल, जिला देवघर (झारखंड) से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया।

जब्‍त की गई सामग्री

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 लाख 50 हजार रुपये नकद, 18 ग्राम सोना, 1 किलोग्राम चांदी, 1 लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन, 15 सिमकार्ड, 13 चेकबुक/पासबुक, 18 एटीएम/क्रेडिट कार्ड, 4 पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज जब्त किए। जब्त की गई संपत्ति की कुल कीमत करीब 16 लाख रुपये बताई गई है।

गिरफ्तार आरोपी

  • हसन रजा (27 वर्ष), निवासी ग्राम कसैया, थाना पथरौल, जिला देवघर, झारखंड
  • इरफान अंसारी (25 वर्ष), निवासी ग्राम ऊपर बिलेरिया, थाना पथरौल, जिला देवघर, झारखंड

तरीका-ए-वारदात

आरोपी लोगों को ठगने के लिए बैंक अधिकारी बनकर कॉल करते थे और निम्नलिखित तरीकों का उपयोग करते थे:

  1. मोबाइल रिमोट एप (AnyDesk, Team Viewer) इंस्टॉल करवाना
  2. क्रेडिट/डेबिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने या एक्सपायरी के नाम पर ओटीपी पूछना
  3. एपीके फाइल भेजना
  4. फोन पर पेमेंट रिक्वेस्ट और लिंक भेजना

टीम को मिलेगा पुरस्कार

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पवई निरीक्षक त्रिवेन्द्र त्रिवेदी, उपनिरीक्षक कमल विक्रम पाठक, प्र.आर. सुरेन्द्र प्रजापति, आर. राहुल, विकास, राजेश बरखने और सायबर पुलिस टीम की भूमिका अहम रही। पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।

रिपोर्ट: राकेश कुमार शर्मा