VIDEO: पन्ना में किसान की किस्मत चमकी: खेत में लगाई हीरे की खदान से निकले 5 चमचमाते हीरे

पन्ना (मध्य प्रदेश)। देश में हीरे उगलने वाली नगरी पन्ना की धरती ने एक बार फिर चमत्कार दिखाया है। यहां रत्नगर्भा भूमि ने एक युवक को एक साथ 5 चमचमाते हीरे देकर मालामाल कर दिया। सिरस्वाहा निवासी बृजेंद्र कुमार शर्मा पुत्र धर्मदास शर्मा ने ग्राम भरका में एक किसान के खेत में पट्टा बनवाकर हीरे की खदान स्वीकृत कराई थी। जून 2025 में स्वीकृत हुई इस खदान में उन्हें एक ही दिन में पांच हीरे मिले, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 10 से 12 लाख रुपये बताई जा रही है। इस उपलब्धि से युवक की किस्मत सचमुच चमक उठी।

5 माह की मेहनत के बाद किस्मत ने दिखाई चमक

बृजेंद्र कुमार शर्मा ने पांच महीनों की कठिन मेहनत और उम्मीदों के साथ यह खदान तैयार की थी। अंततः नवंबर के पहले सप्ताह में उनकी मेहनत रंग लाई और पांच हीरे हाथ लगे। इनमें से तीन उज्ज्वल (ब्राइट) और दो ऑफ-कलर के हीरे हैं। युवक ने इन सभी हीरों को पन्ना स्थित हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है। अब इन्हें आगामी नीलामी में बिक्री के लिए रखा जाएगा।

हीरों का वजन और गुणवत्ता

युवक को मिले इन पांच हीरों का कुल वजन 5.79 कैरेट है। इनमें 0.74 कैरेट, 2.29 कैरेट और 0.77 कैरेट के तीन उज्ज्वल हीरे शामिल हैं, जबकि 1.08 कैरेट और 0.91 कैरेट के दो हीरे ऑफ-कलर श्रेणी के हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ये हीरे उच्च गुणवत्ता के हैं और नीलामी में इनकी कीमत लाखों रुपये तक पहुंच सकती है।

पन्ना की धरती फिर साबित हुई ‘रत्नगर्भा’

पन्ना जिले की धरती को यूं ही ‘रत्नगर्भा’ नहीं कहा जाता। यहां की मिट्टी में छिपे अनमोल हीरे कई लोगों की किस्मत बदल चुके हैं। कुछ ही समय पहले छातापुर निवासी एक दंपति को एक साथ आठ हीरे मिले थे। अब बृजेंद्र शर्मा की सफलता ने फिर यह सिद्ध कर दिया कि पन्ना की धरती मेहनत करने वालों को खाली हाथ नहीं लौटाती।

हीरा नीलामी में होगी वास्तविक कीमत तय

हीरे जमा कराने के बाद अब पन्ना हीरा कार्यालय द्वारा आगामी नीलामी में इनकी बिक्री की जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इन हीरों की कीमत उनके वजन, चमक और पारदर्शिता पर निर्भर करेगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह कीमत 10 से 12 लाख रुपये तक जा सकती है। स्थानीय प्रशासन और भू-वैज्ञानिक विभाग ने भी इस खोज को पन्ना की बढ़ती खनिज संपदा का प्रतीक बताया है।

पन्ना टाइगर रिजर्व और हीरों की खदानों के लिए प्रसिद्ध यह क्षेत्र अब फिर से चर्चा में है, जहां खेतों की मिट्टी से निकलते हीरे एक बार फिर यहां की रत्नगर्भा पहचान को मजबूत कर रहे हैं।

रिपोर्ट: राकेश कुमार शर्मा

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