
सिवनी। सिवनी में हुए 2.96 करोड़ हवाला कांड मामले में लखनवाड़ा पुलिस ने बालाघाट हॉकफोर्स के कसंगी कैंप में पदस्थ डीएसपी पंकज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा जबलपुर क्राइम ब्रांच में पदस्थ आरक्षक प्रमोद सोनी हवाला कारोबारी पंजू गिरी गोस्वामी, रीवा सेंट्रल जेल में बंद सिवनी की निलंबित एसडीओपी पूजा पांडेय के जीजा वीरेंद्र दीक्षित, को गिरफ्तार कर लिया है।
इन सभी को न्यायालय में पेश किया गया है। कोर्ट ने पूछताछ के बाद पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। ये चारों आरोपी डकैती वाली रात से लगातार पूजा पांडेय के संपर्क मं थे और व्हाट्सअप कॉल पर बात हो रही थी। इस मामले में आरोपियों की संख्या 15 हो गई है।
जबलपुर एसआइटी की टीम ने गोपनीय तरीके से यह कार्रवाई की और हॉकफोर्स डीएसपी पंकज मिश्रा को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें सिवनी लाया गया। वहीं पूछताछ की गई।
ये था मामला
8 अक्टूबर को सिवनी से होते हुए नागपुर जा रही कार के बारे में पुलिस को सूचना मिली कि इसमें हवाला के 2 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपए हैं। एसडीओपी पूजा पांडेय, बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरम सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने सीलादेही बायपास पर कार को रोका और रकम जब्त की।
आरोप है कि पुलिस ने 1 करोड़ 45 लाख रुपए जब्त किए और शेष राशि के साथ कार को छोड़ दिया। पुलिस ने रुपयों की जब्ती नहीं दिखाई। यह जानकारी जब अधिकारियों तक पहुंची तो पूरा मामला खुला। इस मामले में जांच की गई और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी पूजा पांडे सेंट्रल जेल रीवा और शेष 10 पुलिस कर्मी नरसिंहपुर सेंट्रल जेल में 26 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में बंद हैं।
13 आरोपी पुलिस कर्मी
यह अजब बात है कि इस कांड में 13 आरोपी पुलिस वाले हैं। इससे जनता भी सोचने पर मजबूर है कि यह क्या हो रहा है।