राष्‍ट्रगान के पहले गाना होंगे वंदे मातरम् के सभी छह छंद

नई दिल्‍ली। केंद्र सरकार ने निर्देश जारी किए हैं कि सभी सरकारी कार्यक्रमों और स्‍कूलों में राष्‍ट्रगान से पहले वंदे मातरम् के सभी छह छंद पहले गाना होगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रोटोकॉल जारी किया है। मालूम होकि कांग्रेस के शासनकाल में वंदे मातरम् के 4 छंद हटाए जाने को मोदी सरकार ने बड़ा मुद्दा बनाया था।

यह है आदेश

गृह मंत्रालय के निर्देश के अनुसार जब भी राष्‍ट्रगीत गाया जाए या बजाया जाए तो सभी को सावधान की मुद्रा में खड़े होना चाहिए। हालांकि डॉक्‍यूमेंट्री या फिल्‍म के हिस्‍से के रूप में बजाया जाए तब खड़े होने की जरूरत नहीं है। राष्‍ट्रगीत बजाया जाएगा तो सबसे पहले मृदंग बजाना होगा, ताकि सुनने वालों को पता चल जाए कि राष्‍ट्रगीत शुरु होने वाला है। स्‍कूलों में दिन की शुरुआत राष्‍ट्रगीत के साथ होगी। राष्‍ट्रगीत के सभी छह छंद पूरे 3 मिनट 10 सेकंड में गाने होंगे।

हिस्‍ट्री

1875 में बंकिम चंद्र चटर्जी ने वंदे मातरम् लिखा था। यह 1882 में उनके उपन्‍यास आनंदमठ में छपा था। इसमें कुल छह छंद हैं। शुरु के दो छंद में भारतमाता की स्‍तुति की गई है। वहीं बाद के छंदों में मां दुर्गा और मां सरस्‍वती सहित अन्‍य देवियों की स्‍तुति की गई है। Muslim लीग के विरोध के बाद 1937 में कांग्रेस ने फैजपुर अधिवेशन में भारत माता की स्‍तुति वाले दो छंदों को ही अपनाया था।

संविधान सभा ने दिया था राष्‍ट्रगीत का दर्जा

24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने वंदे मातरम् को राष्‍ट्रगीत का दर्जा दिया। इसे राष्‍ट्रगान के बराबर ही दर्जा प्राप्‍त होगा, ऐसा निर्णय लिया गया था।

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