प्राध्यापकों ने किया आंदोलन का ऐलान, 1 जुलाई से काली पट्टी बांधकर करेंगे विरोध

जबलपुर। प्रांतीय शासकीय प्राध्यापक संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। संघ के निर्णय के अनुसार प्रदेशभर के शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापक 1 जुलाई से काली पट्टी धारण कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही जिला एवं संभाग स्तर पर विधायक, सांसद और मंत्रियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया जाएगा।

वर्षों से लंबित हैं मांगें

संघ का कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर शासन और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। नई नियुक्तियों वाले कई प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि अब तक समाप्त नहीं की गई, जिसके कारण उन्हें नियमित वेतनमान, वार्षिक वेतनवृद्धि सहित अन्य सेवा संबंधी लाभ नहीं मिल पा रहे हैं। इसके अलावा पदनाम के अनुरूप पदोन्नति सहित कई अन्य मांगें भी लंबे समय से लंबित हैं।

एक जुलाई से काली पट्टी बांधकर करेंगे विरोध

संघ ने बताया कि इन मांगों के संबंध में 21 दिन पूर्व अपर सचिव को विधिवत नोटिस दिया गया था, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। इसी उदासीनता के विरोध में प्रथम चरण के आंदोलन के तहत सभी प्राध्यापक 1 जुलाई से काली पट्टी बांधकर नियमित शैक्षणिक कार्य करते हुए विरोध दर्ज कराएंगे। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि इसके बाद भी शासन उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लेता है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी आगामी कार्ययोजना शीघ्र घोषित की जाएगी।

बैठक में रहे उपस्थित

संभाग स्तरीय बैठक में संभागीय अध्यक्ष प्रो. अरुण शुक्ल के नेतृत्व में जिला अध्यक्ष डा. शैलेंद्र श्रीवास्तव, डॉ. एसी तिवारी, डा. शैलप्रभा कोष्टा, डा. राजेश श्यामकुवर, डा. ज्योति जुन्गारे, डा. देवेंद्र कोष्ठा, डा. विभा चौधरी, डॉ. रवीश तमन्ना ताजिर, डा. राहुल पटेल, डा. अजय ठाकुर, डा. संघप्रिया तिवारी, डा. महेंद्र कुशवाहा, डा. विपिन, श्रीमती ललिता लोधी सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक उपस्थित रहे।

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