
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। आरोपी दान पेटी पर क्यूआर कोड लगाकर भी चोरी करते थे। इस दान पेटी पर रामराज्य कोष लिखा हुआ है। इस दान पेटी पर क्यूआर कोड भी लगाया हुआ था। पुलिस को शक है कि इस पेटी का इस्तेमाल मंदिर परिसर से बाहर भक्तों से अवैध रूप से चंदा वसूलने के लिए किया जा रहा था। इस पहलू पर भी जांच की जा रही है। यूपी सरकार ने एसआईटी का कार्यकाल 15 दिन के लिए और बढ़ा दिया है।
पूछताछ जारी
चढ़ावा चोरी के मामले में राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव सहित बुधवार को करीब 10 लोगों से पूछताछ हुई। पुलिस ने तीन आरोपितों के घर छापेमारी कर एक बॉक्स व कुछ कागजात बरामद किए हैं। मुख्य आरोपितों लवकुश, अनुकल्प व करुणेश के मिल्कीपुर, खंडासा व रुदौली स्थित पैतृक गांवों में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। पुलिस ने लवकुश के पिता राजेश उर्फ बच्चूलाल मिश्र को हिरासत में लिया है। पुलिस की रडार पर संदिग्धों की संपत्तियां भी हैं तथा उनकी रजिस्ट्री की जांच की जा रही है।
नकदी, डॉलर और आभूषण बरामद
एसआईटी ने आरोपियों से नकदी, डॉलर तथा आभूषण बरामद किए हैं। जांच एजेंसी लगातार मामले की गहन जांच कर रही है और बरामद सामग्री की भी पड़ताल की जा रही है।
नियुक्तियों की भी होगी जांच
मंदिर ट्रस्ट में नियुक्त किए गए कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां संबंधित कर्मचारियों के बैंक खातों की भी पड़ताल कर सकती हैं।
बार एसोसिएशन ने दी तहरीर
बार एसोसिएशन ने गुरुवार को रामजन्म भूमि थाने में तहरीर देकर चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।