
भोपाल। मध्य प्रदेश में बस से सफर करने वाले यात्रियों को अब पहले की तुलना में अधिक किराया चुकाना होगा। प्रदेश में बस किराए की नई दरें लागू कर दी गई हैं। मध्य प्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन की लंबे समय से लंबित किराया बढ़ाने की मांग पर सहमति बनने के बाद नई दरों को लागू किया गया है। इससे दैनिक यात्रियों के साथ-साथ लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
साधारण बस का किराया 1.25 रुपये से बढ़ाकर 2 रुपये प्रति किलोमीटर
नई व्यवस्था के अनुसार साधारण बस का किराया 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर 2 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। वहीं न्यूनतम बस किराया 7 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है। परिवहन विभाग द्वारा जारी नई दरों के अनुसार अब सभी श्रेणियों की बसों में संशोधित किराया लागू रहेगा।
विभिन्न श्रेणियों की बसों का संभावित नया किराया
बस किराए में वृद्धि के बाद सामान्य एक्सप्रेस बस का पुराना किराया 125 रुपये था, जो अब लगभग 200 रुपये हो सकता है। इसी प्रकार नॉन एसी बस का किराया 138 रुपये से बढ़कर 220 रुपये, स्लीपर बस का किराया 175 रुपये से बढ़कर 280 रुपये, एसी डीलक्स बस का किराया 188 रुपये से बढ़कर 300 रुपये तथा सुपर लग्जरी एसी बस का किराया 250 रुपये से बढ़कर 350 रुपये तक हो सकता है।
डीलक्स और एसी बसों में नहीं लगेगा अलग से नाइट चार्ज
नई किराया व्यवस्था के अनुसार डीलक्स, स्लीपर, एसी डीलक्स तथा सुपर लग्जरी बसों में अलग से नाइट चार्ज नहीं लिया जाएगा। निर्धारित किराए से अधिक राशि वसूलना नियमों के विरुद्ध होगा। यदि कोई बस संचालक निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
भोपाल-इंदौर रूट पर यात्रियों को देना होगा अधिक किराया
बस किराए में वृद्धि का सीधा असर प्रमुख रूटों पर दिखाई देगा। भोपाल से इंदौर के बीच साधारण बस का किराया लगभग 250 रुपये से बढ़कर 400 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं डीलक्स, सुपर डीलक्स और अन्य लग्जरी बसों में सफर करने वाले यात्रियों को इससे भी अधिक किराया देना पड़ सकता है।
दैनिक यात्रियों और आम लोगों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
बस किराए में हुई इस बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर रोजाना यात्रा करने वाले विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने वाले यात्रियों पर पड़ने की संभावना है। परिवहन लागत बढ़ने से आम यात्रियों के मासिक यात्रा व्यय में भी बढ़ोतरी होगी।