
जबलपुर। सनातन धर्म सबको आपस में जोड़ने का कार्य करता है। जीव-जंतुओं, जल, वन और प्रकृति को भगवत स्वरूप मानकर पूजन-अर्चन करने की परंपरा श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाओं में प्रदर्शित की है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शोभायात्रा इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का सरल माध्यम है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शोभायात्रा का मुख्य उद्देश्य युवाओं को धर्म के मार्ग से जोड़ना और उन्हें भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं लीलाओं से परिचित कराना है।
आपसी सहयोग और समर्थन से ही संस्कारधानी जबलपुर में धार्मिक आयोजनों में निरंतर वृद्धि हुई है। सनातन धर्म महासभा जबलपुर के जन-जन को एकत्रित करने के निरंतर प्रयास जारी हैं। उक्त उद्गार जगतगुरु नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज ने अन्नपूर्णा मंदिर, गल्ला मंडी, निवाड़गंज में सनातन धर्म महासभा जबलपुर एवं समरसता सेवा संगठन की जन्माष्टमी शोभायात्रा की तैयारियों के लिए आयोजित बैठक में कहे।
सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाएं करेंगी भव्य स्वागत
बैठक में संस्था पदाधिकारियों ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शोभायात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर मंचों से भगवान की आरती कर प्रसाद वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न समाजों द्वारा अपनी-अपनी पारंपरिक विधियों से शोभायात्रा का स्वागत किया जाएगा। धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं की सहभागिता से शोभायात्रा को भव्य स्वरूप देने की तैयारियां की जा रही हैं।
युवाओं को भगवान श्रीकृष्ण से जोड़ने पर जोर
बैठक में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शोभायात्रा के माध्यम से युवाओं को सनातन संस्कृति, धर्म और भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। आयोजकों ने कहा कि सामूहिक सहभागिता और सामाजिक समरसता के माध्यम से धार्मिक आयोजनों को और अधिक व्यापक बनाया जा सकता है।
बैठक में बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे उपस्थित
बैठक में आचार्य श्री वासुदेव शास्त्री, श्याम साहनी, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन गुडडा, संजय गोस्वामी, आलोक पाठक, अरूण अग्रवाल, शरद काबरा, प्रवेश खेड़ा, विष्णु पटेल, जगदीश साहू, पवन पांडेय, मनोज सेठ, रत्नेश मिश्रा, संतोष झरिया, संजय पटेल, के के बस्सी, नितिन अग्रवाल, बल्लू पटेल, श्रीकांत साहू, उज्जवल पचौरी, विनीत तिवारी, आशु रजक, शिवरतन पटेल, अभिनव यादव, प्रशांत केसरवानी, विध्येश भापकर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे।