
जबलपुर। श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। इसी आस्था और भक्ति के साथ दादा ठनठनपाल कांवड़ यात्रा में 300 से अधिक कांवड़ियों ने नर्मदा तट संत घाट लम्हेटा से नर्मदा जल भरकर कचनार सिटी स्थित बड़े शंकर जी में विराजमान 12 ज्योतिर्लिंगों का अभिषेक किया। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जबलपुर संस्कारधानी के विकास और उन्नति की कामना की।

नर्मदा तट से जल लेकर निकली कांवड़ यात्रा
दादा ठनठनपाल कांवड़ यात्रा में 300 से अधिक कांवड़िये पार्षद अर्चना सिसौदिया की अगुवाई में शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने नर्मदा तट संत घाट लम्हेटा से नर्मदा जल भरा और कांवड़ लेकर अपनी यात्रा प्रारंभ की। पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था और भक्ति का भाव दिखाई दिया।

कांवड़ यात्रा लम्हेटाघाट, दलपतपुर, चौकीताल, अधुंआ, बसा, कचनारी, रैगंवा, लमती, कंचन विहार और घड़ी चौक विजय नगर होते हुए कचनार सिटी पहुंची। यहां बड़े शंकर जी में विराजमान 12 ज्योतिर्लिंगों पर कांवड़ियों ने नर्मदा मैया का जल अर्पित किया।
विधि-विधान से पूजा और महाआरती
कचनार सिटी स्थित बड़े शंकर जी में पहुंचने के बाद कांवड़ियों ने 12 ज्योतिर्लिंगों का विधि-विधान से पूजन किया और नर्मदा जल से अभिषेक किया। इसके बाद महाआरती का आयोजन हुआ। धार्मिक आयोजन के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसाद का वितरण किया गया।

जगह-जगह हुआ कांवड़ यात्रा का स्वागत
कांवड़ यात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों द्वारा जगह-जगह कांवड़ियों का स्वागत-सत्कार किया गया। यात्रा में शामिल भक्तों के लिए प्रसाद और जल का वितरण किया गया। कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर कांवड़ियों का स्वागत किया गया। इससे पूरे मार्ग में भक्तिमय वातावरण बना रहा।

जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल
कांवड़ यात्रा में जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन, भेड़ाघाट नगर परिषद अध्यक्ष चतुर सिंह, शिव पटेल, पार्षद अर्चना सिसौदिया, पार्षद एमआईसी अंशुल राघवेन्द्र यादव, पार्षद सोनिया रंजीत सिंह, पार्षद मोनिका पुष्पेन्द्र सिंह, पार्षद प्रतिभा भापकर, पार्षद कविता रैकवार, पार्षद रजनी सुरेन्द्र साहू, अजय पटेल, संध्या ठाकुर, धीरज पटेल, प्रमोद पटेल, कुलदीप सिंह सिसौदिया, जगमोहन पटेल, यशवंत सिंह और भीष्म सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तजन उपस्थित रहे।
दादा ठनठनपाल कांवड़ यात्रा के दौरान नर्मदा जल से 12 ज्योतिर्लिंगों का अभिषेक और महाआरती श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र रही। श्रावण मास में आयोजित इस धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।