
जबलपुर। शहर की ऐतिहासिक श्री गोविंदगंज रामलीला इस वर्ष अपनी 162वीं वर्षगांठ के साथ श्रद्धा, परंपरा और आधुनिक तकनीक के नए रंग में नजर आएगी। रामलीला मंचन का शुभारंभ 4 अक्टूबर को मुकुट पूजन चल समारोह के साथ होगा। इसके बाद 5 अक्टूबर से राम जन्म और नारद मोह की लीला के साथ नियमित मंचन शुरू किया जाएगा।
रामलीला समिति के अध्यक्ष पं. अनिल तिवारी ने पत्रकारवार्ता में बताया कि इस बार दर्शकों के लिए मंचन में कई नए आकर्षण जोड़े गए हैं। पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखते हुए पुष्पवाटिका, अशोक वाटिका, रावण दरबार, वाणासुर का शिव पूजन, ताड़का और शूर्पणखा के विशेष दृश्य तथा मेघनाद की अग्निवर्षा जैसी प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। चारों प्रमुख जुलूसों को भी पहले से अधिक भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है।
बारिश से बचाव के साथ बड़ा मंच
आयोजकों के अनुसार बारिश की संभावना को देखते हुए इस बार मंच को टीन शेड से सुरक्षित किया जा रहा है। करीब तीन हजार वर्गफीट क्षेत्र में तैयार किया जा रहा फोल्डिंग मंच पहले की तुलना में अधिक ऊंचा होगा। इसका उद्देश्य पीछे बैठे दर्शकों को भी मंच पर होने वाली लीला स्पष्ट रूप से दिखाई देना है। समिति ने इसे मध्य भारत के बड़े मंचों में शामिल होने वाला मंच बताया है।
दो महीने से चल रही तैयारियां
समिति के अनुसार पिछले करीब दो महीने से कलाकार और कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हैं। मंचन में आधुनिक साउंड और लाइट, मेकअप, वेशभूषा, शस्त्र प्रदर्शन तथा पात्रों की भव्य एंट्री पर विशेष ध्यान दिया गया है।
कार्यक्रम के अनुसार 8 अक्टूबर को धनुष यज्ञ, 9 अक्टूबर को श्रीराम बारात, 14 अक्टूबर को सीता हरण, 16 अक्टूबर को लंका दहन और 18 अक्टूबर को लक्ष्मण शक्ति की लीला होगी। 22 अक्टूबर को भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का आयोजन किया जाएगा। 24 अक्टूबर को भंडारे के साथ 21 दिवसीय रामलीला अनुष्ठान का समापन होगा।
व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन से अपील
संरक्षक राकेश पाठक ने जुलूस मार्ग की सड़कों के गड्ढे भरने, पेड़ों की लटकती डालियों की छंटाई और गलियों सहित प्रमुख स्थानों पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था बेहतर करने की मांग की। उन्होंने चलित शौचालय, पेयजल और जुलूस मार्ग पर झूल रहे बिजली के तारों को व्यवस्थित करने की भी अपील की।
रामलीला मैदान और आसपास नवरात्रि के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती का अनुरोध किया।
पत्रकारवार्ता में व्यास पं. वासुदेव शास्त्री, सहव्यास पं. मोहन चौबे, संरक्षक रवि गुप्ता, विजय सरावगी, रवीन्द्र मघरिया, अरुण दुबे, कमल किशोर तिवारी, पवन पांडे, मनीष पाठक, राजीव गोयल सहित समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।