
जबलपुर। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत प्रत्येक शुक्रवार को किए जाने वाले क्षेत्रीय निरीक्षण एवं जनसुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा के क्रम में मध्य प्रदेश शासन के उपक्रम मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने विंध्य क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अंतर्गत झिन्ना में निर्माणाधीन विद्युत अधोसंरचना परियोजनाओं का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
132 केवी सबस्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन का हो रहा निर्माण
इस अवसर पर उन्होंने 109.02 करोड़ रुपये की लागत से मैहर जिले में निर्माणाधीन 132 केवी एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशन झिन्ना तथा 132 केवी कोटर-झिन्ना ट्रांसमिशन लाइन के कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। दोनों परियोजनाएं वर्तमान में निर्माणाधीन हैं और जल जीवन मिशन के अंतर्गत सतना, मैहर, रीवा, सीधी एवं मऊगंज जिलों में संचालित पेयजल योजनाओं को विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित की जा रही हैं।
जल प्रदाय व्यवस्थाओं को मिलेगी विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति
परियोजनाएं पूर्ण होने पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित जल प्रदाय व्यवस्थाओं को विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति प्राप्त होगी, जिससे ‘हर घर जल’ अभियान को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने में सहायता मिलेगी।
निर्माण सर्वोच्च गुणवत्ता और मानकों के अनुसार हो
निरीक्षण के दौरान प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने परियोजना की रूपरेखा का परीक्षण कर विभिन्न तकनीकी पहलुओं की समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि राष्ट्रहित एवं जनकल्याण से जुड़े इस कार्य को सर्वोत्तम गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तथा उच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल विद्युत अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि विंध्य क्षेत्र के हजारों परिवारों तक नियमित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के सरकार के महत्वाकांक्षी लक्ष्य से भी सीधे जुड़ी हुई है।
राइट ऑफ वे संबंधी चुनौतियों की समीक्षा
प्रबंध संचालक ने निर्माण कार्य में आ रही राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) संबंधी चुनौतियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला प्रशासन एवं स्थानीय स्तर पर संबंधित पक्षों के साथ समन्वय स्थापित कर इन समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने पर विशेष बल दिया, ताकि क्षेत्रवासियों को जल जीवन मिशन की इस महत्वपूर्ण परियोजना का लाभ शीघ्र प्राप्त हो सके।
डिपॉजिट वर्क के तहत बन रही है परियोजना
उल्लेखनीय है कि यह परियोजना डिपॉजिट वर्क के रूप में क्रियान्वित की जा रही है। परियोजना हेतु वित्तीय व्यवस्था जल जीवन मिशन द्वारा की गई है, जबकि निविदा प्रक्रिया, निर्माण कार्य तथा भविष्य में सबस्टेशन एवं ट्रांसमिशन लाइन के ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा निभाई जाएगी। निर्माण कार्य के दौरान कठिन भौगोलिक परिस्थितियों एवं आरओडब्ल्यू संबंधी चुनौतियों के बावजूद दोनों निर्माणाधीन परियोजनाओं का कार्य निर्धारित लक्ष्य के अनुसार प्रगति पर है।
यह अधिकारी भी रहे उपस्थित
इस अवसर पर मुख्य अभियंता एम.के. सिंघल, मुख्य अभियंता एस.के. दुबे, आईटी एवं ईआरपी सेल प्रमुख डॉ. हिमांशु श्रीवास्तव, कार्यपालन अभियंता सौरभ तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।