सावन के अंतिम सोमवार पर राजराजेश्वर स्वरूप में विराजे गुप्तेश्वर महादेव

जबलपुर। सावन माह के अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर संस्कारधानी जबलपुर में भगवान श्री गुप्तेश्वर महादेव के दरबार में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। परम पूज्य गुप्तेश्वर पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी मुकुंद दास जी महाराज के पावन सानिध्य एवं मार्गदर्शन में भगवान का आज दिव्य राजराजेश्वर श्रृंगार किया गया। भगवान के मनोहारी स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।

गुफा में प्रवेश कर श्रद्धालुओं ने किए विशेष दर्शन

सावन के अंतिम सोमवार को विशेष अवसर के रूप में श्रद्धालुओं को गुप्तेश्वर महादेव की पावन गुफा में प्रवेश कर भगवान के विशेष दर्शन करने का अवसर प्राप्त हुआ। भक्तों ने गुफा में प्रवेश कर भगवान के दर्शन किए तथा अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ मनोकामना पत्र लिखकर भगवान श्री गुप्तेश्वर महादेव को समर्पित किए। इस दौरान भक्तों में विशेष उत्साह और आस्था देखने को मिली।

गुफा दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान का पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की। सावन माह में आयोजित नित्य नवीन श्रृंगारों की श्रृंखला का अंतिम सोमवार का यह विशेष आयोजन भक्तों के लिए भावनात्मक एवं आध्यात्मिक रूप से विशेष रहा।

शहनाज अख्तर ने किया पूजन-अर्चन, आयोजित हुआ भंडारा

इस अवसर पर विख्यात भजन गायिका शहनाज अख्तर ने भगवान श्री गुप्तेश्वर महादेव का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के दौरान सेवा एवं श्रद्धा का भाव देखने को मिला।

सेवा एवं श्रृंगार में सेवाभावी कार्यकर्ताओं की सहभागिता

आज भगवान के श्रृंगार एवं सेवा में एड. राजेश तिवारी, सार्थक परिहार, अतुल, एड. उत्कर्ष रावत, राजेंद्र त्रिपाठी, कमलेश जायसवाल, कमलेश अग्रवाल, राजू, हरीश सचदेवा, मनप्रीत बजवा, सुषमा केसरवानी, रश्मि गुप्ता एवं प्रतीक श्रीवास्तव विशेष रूप से उपस्थित रहे तथा भगवान की सेवा, पूजन एवं व्यवस्थाओं में सहभागिता की।

गुप्तेश्वर सेवा समिति ने जताया आभार

गुप्तेश्वर सेवा समिति ने सावन माह के दौरान भगवान श्री गुप्तेश्वर महादेव के नित्य नवीन श्रृंगार, विशेष धार्मिक आयोजनों, गुफा दर्शन एवं शाही सवारी सहित सभी कार्यक्रमों में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं, मातृशक्ति, युवा शक्ति, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों तथा समस्त सेवाभावी कार्यकर्ताओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

समिति ने कहा कि सावन माह के प्रत्येक दिन भगवान के अलग-अलग दिव्य स्वरूपों के दर्शन कराने का उद्देश्य श्रद्धालुओं को भगवान की भक्ति से जोड़ना और संस्कारधानी की सनातन धार्मिक परंपराओं को और मजबूत करना रहा। समस्त श्रद्धालुओं की सहभागिता और सहयोग से सावन माह का यह अंतिम सोमवार यादगार बना।

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