अहंकार का त्याग और भगवान की शरण, प्रकृति संरक्षण सिखाती है श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला

भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं एवं गोवर्धन पूजा का हुआ भावपूर्ण वर्णन

जबलपुर। गीताधाम में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के पंचम दिवस पर कथा व्यास श्रीमद् जगतगुरु नृसिंह पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी नृसिंहदेवाचार्य जी महाराज श्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा एवं गोवर्धन लीला का विस्तार से वर्णन किया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

भगवान की बाल लीलाओं में छिपा आध्यात्मिक संदेश

महाराज श्री ने भगवान श्रीकृष्ण की गोकुल एवं वृंदावन की मनमोहक लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान की प्रत्येक लीला में मानव जीवन के लिए गहरा आध्यात्मिक संदेश छिपा है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बाल लीलाओं के माध्यम से प्रेम, करुणा, वात्सल्य, सरलता और भक्ति का मार्ग संसार को दिखाया।

कथा के दौरान पूतना वध, शकटासुर वध एवं तृणावर्त उद्धार जैसे प्रसंगों का सुंदर वर्णन किया गया। माता यशोदा और बाल कृष्ण के वात्सल्य प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

भगवान ने गोवर्धन पर्वत की पूजा की प्रेरणा दी

इसके बाद महाराज श्री ने गोवर्धन पूजा एवं गोवर्धन लीला का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र पूजा के स्थान पर गोवर्धन पर्वत की पूजा करने की प्रेरणा दी। इंद्र के प्रचंड वर्षा करने पर भगवान ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत धारण कर समस्त ब्रजवासियों की रक्षा की।

गोवर्धन लीला का प्रसंग सुनते ही कथा स्थल ‘गिरिराज महाराज की जय’ और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने गोवर्धन पूजा कर भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।

अहंकार त्याग और प्रकृति संरक्षण का संदेश

महाराज श्री ने कहा कि गोवर्धन लीला हमें अहंकार का त्याग, भगवान की शरण और प्रकृति एवं गौ-संरक्षण का संदेश देती है। श्रीमद्भागवत कथा के प्रत्येक प्रसंग में जीवन को धर्म, सेवा, प्रेम और सद्भाव से जोड़ने की प्रेरणा मिलती है।

भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ गीताधाम

पंचम दिवस की कथा के समापन पर भजन, संकीर्तन एवं जयकारों से पूरा गीताधाम भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया।

मुख्य यजमान संजय वर्मा के साथ राजेंद्र श्रीवास्तव, प्रशांत, कुशाग्र, आकांक्षा, अनुश्री, अदिति, अनुष्का, शकुंतला, संगीता, अपर्णा, राकेश श्रीवास्तव, योगेश श्रीवास्तव, अमित वर्मा, रामफल शास्त्री, जितेंद्र शास्त्री, संदीप शास्त्री, सुनील तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त एवं मातृशक्ति ने पूजन-अर्चन किया।

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