एमपी ट्रांसको के तकनीकी नवाचार को देश के पावर सेक्टर में मिली ख्याति

देश के पावर सेक्टर में एमपी ट्रांसको के नवाचार को पहचान

जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस इंजीनियरों द्वारा विकसित एक नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण मान्यता प्राप्त हुई है। इस टीम में जबलपुर के इंजीनियर जितेंद्र तिवारी भी शामिल हैं।

राष्ट्रीय सम्मेलन में शोधपत्र प्रस्तुत

भारत सरकार के केंद्रीय सिंचाई एवं विद्युत बोर्ड (सीबीआईपी) तथा पेरिस स्थित इंटरनेशनल काउंसलिंग ऑन लार्ज इलेक्ट्रिकल सिस्टम (सिगरे) की भारतीय इकाई सिगरे इंडिया द्वारा विकास भवन, नई दिल्ली में आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस में इस नवाचार से संबंधित शोधपत्र प्रस्तुत किया गया।

शोधपत्र एमपी ट्रांसको जबलपुर के जितेंद्र तिवारी के अलावा सिवनी के विकास भारिया एवं इटारसी के आशुतोष राय द्वारा प्रस्तुत किया गया।

ट्रांसमिशन लाइनों में टीएफआर सुधार हेतु नया प्रयोग

एमपी ट्रांसको द्वारा विकसित यह नवाचार ट्रांसमिशन लाइनों में टीएफआर सुधार हेतु पिट आधारित अर्थिंग से संबंधित है। इस तकनीक के माध्यम से लगभग 35 वर्षों से अधिक पुरानी ट्रांसमिशन लाइनों पर दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में आकाशीय बिजली (लाइटनिंग) के दौरान होने वाली ट्रिपिंग एवं ब्रेकडाउन की घटनाओं को सीमित करने में उल्लेखनीय सफलता मिली है।

विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति की दिशा में उपलब्धि

यह नवाचार ट्रांसमिशन लाइनों की विश्वसनीयता और निरंतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अर्थिंग के विशेषज्ञों ने इस कम चर्चित विषय पर किए गए शोध की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे अन्य पावर संस्थानों के लिए अनुकरणीय बताया।

कॉन्फ्रेंस में एमपी ट्रांसको के अनीश कांत दुबे, राजेश्वर सिंह ठाकुर एवं विवेक मोजासिया भी शामिल हुए।

शोधपत्र प्रकाशन के लिए चयन

एमपी ट्रांसको के इस प्रस्तुतीकरण एवं ट्रांसमिशन लाइनों के लिए अत्यंत उपयोगी नवाचार को देश के विभिन्न पावर सेक्टर संगठनों एवं राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सराहना प्राप्त हुई है। इस शोधपत्र को विश्व की प्रतिष्ठित पावर मैगजीन सिगरे इंडिया में प्रकाशन के लिए चयनित किया गया है।

ऊर्जा मंत्री एवं प्रबंध संचालक ने दी बधाई

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस उपलब्धि पर एमपी ट्रांसको के इंजीनियरों को बधाई देते हुए कहा कि यह नवाचार न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश के पावर सेक्टर के लिए उपयोगी सिद्ध होगा और इससे ट्रांसमिशन सिस्टम की मजबूती बढ़ेगी।

एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने भी इंजीनियरों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कंपनी निरंतर नवाचार, अनुसंधान और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर प्रदेश की विद्युत ट्रांसमिशन व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित, सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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