कृष्ण के विभिन्न स्वरूपों में सजी मनोहारी मटकियां, 51 प्रतिभागियों ने लिया भाग

सनातन धर्म महासभा जबलपुर की श्रीकृष्ण मटकी सजाओ प्रतियोगिता में दिखी बच्चों की रचनात्मकता

जबलपुर। गोपिकाओं की मटकी में श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम, दुलार और स्नेह माखन बनकर भरा रहता है। मटकी का कठोर आवरण पूर्व जन्मों का अहंकार, राग-द्वेष है, इसलिए श्रीकृष्ण माखन चोरी की लीला में माखन ग्रहण कर लेते हैं और अहंकार रूपी मटकी को फोड़कर सभी गोपियों के जीवन को कृतार्थ करते हैं। द्वापर युग में सुंदर-सुंदर मटकी सजाकर श्रीकृष्ण को रिझाती थी। बच्चों को धर्म, अध्यात्म और संस्कारों से परिचित कराने के लिए प्रतियोगिता सबसे अच्छा माध्यम है।

उक्त उद्गार जगतगुरु नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज ने सनातन धर्म महासभा जबलपुर के तत्वावधान में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पूर्व 10 दिवसीय आयोजनों की श्रृंखला में गोपाल मंदिर घमापुर में आयोजित मटकी सजाओ प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर आशीर्वचन में कहे।

श्रीकृष्ण के विभिन्न स्वरूपों से सजी मटकियां

श्रीकृष्ण एक रूप अनेक विषय पर केंद्रित मटकी सजाओ प्रतियोगिता में श्रीराधाकृष्ण, बाल गोपाल, माखन चोर, जगन्नाथ, दाऊ बलभद्र, सुभद्रा मैया सहित बहुत सुंदर-सुंदर रंग-बिरंगे मोती, मोरपंख, फूल-पत्ती और विभिन्न रंगों से सजी मटकियां सजाकर 51 प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में भाग लिया।

सुनीता चावला, सोनल सेठी, नंदिता महाजन, कविता दुबे, डॉ. वाणी अहुलवलिया और नेहा जेठा के संयोजन में मटकी सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

बड़ी संख्या में पदाधिकारी और बच्चे हुए शामिल

मटकी सजाओ प्रतियोगिता का शुभारंभ गोपाल मंदिर के महंत श्रीकृष्ण राज आराध्य, अध्यक्ष श्याम साहनी, गुलशन मखीजा, मुन्ना पांडे, शरद काबरा, प्रवेश खेड़ा, मनोज शर्मा, जगदीश साहू, रत्नेश मिश्रा, जितिन नारंग, अभिषेक आराध्य, राजेश सेठी, विध्येश भापकर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारियों, मातृशक्ति और बच्चों की उपस्थिति में हुआ।

सनातन चित्रकला प्रतियोगिता आज

श्रीकृष्ण मंदिर गोरखपुर में 30-08-26 को दोपहर 2 बजे से सनातन श्रीकृष्ण चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। इसमें तीन आयु वर्ग के बच्चे-बच्चियों की सहभागिता रहेगी।

आयोजकों ने सभी से अनुरोध किया है कि कृपया समय पर उपस्थित रहें।

रिपोर्ट: विध्‍येश भापकर 

Back to top button