
जबलपुर। मोर मुकुट बंसी वाले, हरते सबका दर्द। वेणु गोपाल बजाते, गौ संग बाल गोपाल रमते रास रंग। भगवान श्रीकृष्ण अधर पर ओंठ से बांसुरी की तान छेड़कर सबके दर्द दूर करते हैं। सिर पर मोर पंख धारण कर पंछियों से प्रेम करते हैं।
श्री सनातन धर्म महासभा के तत्वावधान में जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के पंचम दिवस श्री गोपाललाल जी मंदिर हनुमानताल में मुकुट और बांसुरी सजाओ प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। श्री सनातन धर्म महासभा के अध्यक्ष श्याम साहनी, गिरिराज चाचा, सुनीता चावला, शरद काबरा और नेहा जेठा ने गोपाल जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए।

अलग-अलग रूपों में सजाए मुकुट और मुरली
इस अवसर पर कान्हा जी के एक से बढ़कर एक श्रृंगारित मुकुट और मुरली मोर पंख के साथ अलग-अलग रूपों में प्रदर्शित किए गए। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता और आकर्षक सजावट का प्रदर्शन किया।

बांसुरी प्रतियोगिता के विजेता
बांसुरी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रिया लखोटिया, द्वितीय स्थान एकता महेश्वरी और तृतीय स्थान राधा राठी ने प्राप्त किया।

मुकुट प्रतियोगिता के विजेता
मुकुट प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जिज्ञासा राठी, द्वितीय स्थान कल्पना सोनी और तृतीय स्थान रुचि जेठा ने प्राप्त किया। निर्णायक की भूमिका आस्था पालन और नीतू साहू ने निभाई।
इनका रहा सहयोग
कार्यक्रम के आयोजन में रमेश शर्मा, विध्येश भापकर, रजनी बग्गा, सोनल सेठी, सीमा राठी, अनीता जेठा, हर्षदा गांधी और गीता जेठा का सहयोग रहा।