पन्ना में आसमानी आफत! धर्म सागर के बाद किलकिला नदी भी उफनी, शहर में घुसा बाढ़ का पानी

यूनियन बैंक के अंदर तक पहुंचा बाढ़ का पानी, कई इलाकों में जलभराव; जिले की नदियां उफान पर

राकेश कुमार शर्मा

पन्ना। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पन्ना शहर की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रातभर हुई तेज बारिश के बाद ऐतिहासिक धर्म सागर तालाब लबालब हो गया और बेस्ट वियर से निकला पानी तेज बहाव के साथ शहर के निचले इलाकों में पहुंच गया। हालात इतने बिगड़ गए कि यूनियन बैंक के अंदर तक बाढ़ का पानी घुस गया, जिसके चलते बैंक को बंद रखना पड़ा। आसपास स्थित कई दुकानों और भवनों के ग्राउंड फ्लोर भी जलमग्न हो गए हैं।

इधर पन्ना नगर की किलकिला नदी भी उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर के कई क्षेत्रों में पानी भर गया है। जलभराव के बीच कुछ लोगों के फंसे होने की भी जानकारी सामने आई है। लगातार बढ़ते पानी और जारी बारिश के कारण लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन और राहत-बचाव दलों के सामने अब प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

जिले की कई नदियां उफान पर, बढ़ा बाढ़ का खतरा

लगातार बारिश के कारण पन्ना जिले की कई नदियां और नदी-नाले उफान पर चल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर पानी भरने की सूचनाएं सामने आ रही हैं। शहर के अनेक मोहल्लों में जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित है। बारिश का सिलसिला अभी भी जारी है, जिससे आने वाले घंटों में हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।

लगातार बारिश ने लोगों का सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। वहीं पुराने और जर्जर मकानों में सीलन आने के साथ ही छतों और दीवारों से पानी टपकने लगा है। इससे लोगों को घरों के अंदर भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और मकानों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

दो सप्ताह से बारिश का कहर, 2005 की बाढ़ की यादें ताजा

पन्ना जिले में करीब दो सप्ताह से लगातार बारिश का दौर जारी है। वर्तमान हालात ने वर्ष 2005 की भीषण बाढ़ की भयावह यादें ताजा कर दी हैं। उस दौरान जिले के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित करना पड़ा था। राहत सामग्री और दवाइयां हेलीकॉप्टर के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाई गई थीं। प्रशासन के साथ सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने भी राहत एवं बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

इस बार भी जिस तरह धर्म सागर लबालब, किलकिला नदी उफान पर और जिले की कई नदियां तेज बहाव में हैं, उससे पन्ना में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में शहरवासियों की नजर अब प्रशासन की राहत-बचाव तैयारियों और आने वाले घंटों में बारिश के रुख पर टिकी हुई है।

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