धनतेरस 2026: धनतेरस पर करें ये उपाय, दूर होंगी परेशानियां

ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ दुबे ने बताए धन-समृद्धि और सुख-शांति के उपाय

जबलपुर। इस वर्ष धनतेरस का पर्व 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी, कुबेर देव, यमराज और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। धनतेरस पर दीपदान और पूजा-अर्चना के साथ लोग सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना करते हैं।

ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ दुबे के अनुसार, धनतेरस पर कुछ पारंपरिक उपाय करने से धन-समृद्धि और सकारात्मकता बढ़ने की मान्यता है। उन्होंने इस दिन किए जाने वाले कुछ विशेष उपाय बताए हैं, जिन्हें श्रद्धालु अपनी धार्मिक आस्था के अनुसार कर सकते हैं।

घर में और बाहर जलाएं 13 दीपक

धनतेरस की शाम घर के अंदर 13 और घर के बाहर या छत पर 13 दीपक जलाने की परंपरा बताई गई है। मान्यता है कि दीपदान से घर में सुख-शांति आती है और नकारात्मकता दूर होती है। इसके बाद तिजोरी और कुबेर देव की पूजा की जाती है।

चांदी के 13 सिक्कों की करें पूजा

धनतेरस पर चांदी के 13 सिक्के लेकर उन पर केसर और हल्दी से तिलक लगाने के बाद पूजा करने का विधान बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है।

किन्नर को दान कर सिक्का रखें तिजोरी में

इस दिन किन्नर को धन दान करने और उनसे एक सिक्का लेकर उसे तिजोरी या पर्स में रखने की परंपरा भी प्रचलित है। मान्यता है कि ऐसा करने से आर्थिक समृद्धि बनी रहती है।

मां लक्ष्मी को अर्पित करें पीली कौड़ियां और धनिया

धनतेरस पर मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा में पीली कौड़ियां और साबुत धनिया अर्पित करने का विधान बताया गया है। यदि कौड़ियां पीली न हों, तो उन्हें हल्दी के घोल से रंगकर पूजा में शामिल किया जा सकता है। पूजा के बाद कौड़ियों को तिजोरी में रखने की मान्यता है।

कुबेर यंत्र स्थापित कर करें मंत्र जाप

धनतेरस पर कुबेर यंत्र लाकर तिजोरी में स्थापित करने और कुबेर देव के मंत्र का जाप करने की परंपरा है। धन प्राप्ति के लिए बताया गया मंत्र है:

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः॥

विशेष पेड़ की टहनी से जुड़ी मान्यता

ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, धनतेरस पर उस पेड़ की टहनी घर लाने की परंपरा भी बताई जाती है, जिस पर चमगादड़ बैठा हो। मान्यता है कि इसे घर के ड्राइंग रूम में रखने से धन और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है।

धनतेरस का पर्व धन, आरोग्य और समृद्धि की कामना से मनाया जाता है। श्रद्धालु इस अवसर पर पूजा-अर्चना, दीपदान और दान-पुण्य के माध्यम से अपनी आस्था व्यक्त करते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में धनतेरस पर बताए गए उपाय धार्मिक मान्यताओं, पारंपरिक प्रथाओं और ज्योतिषीय विचारों पर आधारित हैं। पाठकों से अनुरोध है कि वे अपनी विवेकशीलता और आस्था के अनुसार इनका पालन करें। यह लेख केवल धार्मिक एवं सूचनात्मक उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है।