
नई दिल्ली। इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को दिल्ली में आयोजित की गई, जिसमें 25 दलों के प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, सुप्रिया सुले, उमर अब्दुल्ला सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। वहीं उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन वर्चुअली बैठक में शामिल हुए।
दो साल बाद हुई बैठक
इससे पहले इंडिया ब्लॉक की बैठक 1 जून 2024 को हुई थी। करीब दो साल बाद आयोजित इस बैठक में राजनीतिक रणनीति और वर्तमान मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित हुई।
पांच अहम मुद्दों पर बनी सहमति
बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि गठबंधन में पांच प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी है। पहला, चुनाव की निष्पक्षता को लेकर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा जाएगा। दूसरा, नीट पेपर लीक और सीबीएसई परीक्षा में गड़बड़ी के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जाएगी।
तीसरा, बेरोजगारी, महंगाई, अर्थव्यवस्था और किसानों के मुद्दों को लगातार उठाया जाएगा तथा इस पर सर्वदलीय बैठक की मांग की जाएगी। चौथा, संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष की रोजाना बैठक होगी। पांचवां, गठबंधन की बैठक हर दो महीने में आयोजित की जाएगी, जिसकी अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में होगी।
संविधान और अर्थव्यवस्था पर जताई चिंता
खड़गे ने कहा कि देश में संविधान पर हमले हो रहे हैं और अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है। निवेश में कमी का सीधा असर रोजगार पर पड़ रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
तीन दल हो चुके हैं अलग
इंडिया गठबंधन से जेडीयू, आम आदमी पार्टी और डीएमके अलग हो चुके हैं। जेडीयू अब एनडीए का हिस्सा बन गई है। आम आदमी पार्टी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से दूरी बनाई, जबकि डीएमके ने तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा टीवीके को समर्थन देने पर नाराजगी जताई और गठबंधन से अलग हो गई।