
जबलपुर। श्री गीता धाम, गौरीघाट में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ हुआ। कथा प्रारंभ होने से पूर्व भगवान श्रीमद्भागवत महापुराण की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर धर्मध्वजा और जयघोष के साथ नगर को भक्तिमय बना दिया।
शोभायात्रा से गूंजा गौरीघाट
श्रीमद्भागवत महापुराण की पवित्र शोभायात्रा श्री गीता धाम परिसर से प्रारंभ हुई। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए भगवान की महिमा का गुणगान करते रहे। शोभायात्रा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान श्रीमद्भागवत महापुराण का स्वागत किया।

कलियुग में श्रीमद्भागवत ही मानव जीवन का सर्वोत्तम मार्गदर्शक
प्रथम दिवस कथाव्यास परम पूज्य श्रीमद् जगद्गुरु डॉ. स्वामी नरसिंहदेवाचार्य जी महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण के माहात्म्य का भावपूर्ण निरूपण करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत भगवान श्रीकृष्ण का वाङ्मय स्वरूप है। उन्होंने कहा कि वर्तमान कलियुग में जब मनुष्य मानसिक अशांति, मोह और भौतिक आकर्षणों से घिरा हुआ है, तब श्रीमद्भागवत महापुराण ही उसे भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का सच्चा मार्ग प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि कथा श्रवण केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, सदाचार तथा परमात्मा से साक्षात्कार का दिव्य माध्यम है। श्रद्धा और विश्वास के साथ भागवत कथा सुनने से मनुष्य के अंतःकरण की शुद्धि होती है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
जहां भागवत कथा होती है, वहां देवताओं का होता है वास
जगद्गुरु महाराज ने कहा कि जिस स्थान पर श्रद्धा और भक्ति के साथ श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होता है, वहां समस्त तीर्थ, देवी-देवता एवं ऋषि-मुनियों का दिव्य वास माना जाता है। श्रद्धापूर्वक कथा श्रवण करने से पापों का क्षय होता है, मन निर्मल बनता है और भगवान की असीम कृपा प्राप्त होती है।
मुख्य यजमानों ने किया व्यासपीठ पूजन
कथा के मुख्य यजमान श्रीमती आशालता गुप्ता (राकेश गुप्ता, सुरेश गुप्ता एवं रवि गुप्ता), रामलखन परोहा, रमेश कुमार कोरी, राजेन्द्र कुमार एवं सरोज मिश्रा, शिवांश जी, स्नेहलता मिश्रा, आशीष व्यौहार, गीता चौकसे, रामसेवक पटेल, श्यामा राय जी, राजकुमारी लामी एवं चन्द्रमणि लोधी ने विधि-विधान से व्यासपीठ पूजन कर कथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ प्रथम दिवस का समापन
कथा के समापन पर महाआरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर श्याम साहनी, स्वामी हनुमान दास जी, सतीश मिश्रा, रामफल शास्त्री सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि श्रीमद्भागवत महापुराण कथा प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक आयोजित होगी। सभी श्रद्धालुओं से सहपरिवार उपस्थित होकर कथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की गई।
रिपोर्ट: विध्येश भापकर