
नई दिल्ली। सदन की कार्रवाई चौथे दिन भी नहीं चली। सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे के खिलाफ नारे लगाता रहा। विपक्षी सांसद अपने साथ तख्तियां लेकर आए थे, जिनमें धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने के नारे लिखे थे। सदन के मकर द्वार के बाहर इंडिया गठबंधन के सांसद नारेबाजी कर रहे थे। वहीं सत्ता पक्ष का आरोप है कि कांग्रेस सदन में चर्चा करना नहीं चाहती।
वहीं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम चर्चा करने तैयार हैं, सरकार धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले। वहीं सांसद जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस चर्चा करना नहीं चाहती। लोकसभा और राज्यसभा में कार्रवाई नहीं हुई। इसके पहले सुबह इंडिया गठबंधन ने सांसदों के साथ बैठक की। बैठक में राहुल गांधी, अखिलेश यादव सहित टीएमसी के सांसद मौजूद रहे।
इंडिया गठबंधन ने गुरुवार की रणनीति बनाई, जिसके तहत सदन के भीतर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा। जिसके बाद सदन में हंगामा हुआ और दोनों सदनों की कार्रवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित हो गई।
सीजेपी से चर्चा के लिए तैयार सरकार
सीजेपी से चर्चा के लिए सरकार तैयार है। पीएमओ के राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह कहा। जितेंद्र सिंह का कहना है कि सीजेपी को यह संदेश दिया है कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है। जेपी नड्डा ने भी कहा कि सीजेपी के प्रतिनिधि चर्चा के लिए उनके रेसिडेंस या कार्यालय आ सकते हैं।
हालांकि सीजेपी बातचीत के लिए जेपी नड्डा के रेसिडेंस या कार्यालय जाने इच्छुक नहीं है। वह चाहती है कि सरकार को यदि बातचीत करनी है तो वह जंतर-मंतर पर आए या किसी अन्य न्यूट्रल स्थान पर बातचीत करे।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी
जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी रहा। वे लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
केजरीवाल छात्रों को छुड़ाने थाने पहुंचे
अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह थाने-थाने जाकर छात्रों को छुड़वा रहे हैं। वे लगातार जंतर-मंतर में सीजेपी के साथ संपर्क बनाए हुए हैं।