
राकेश कुमार शर्मा
पन्ना। दक्षिण वन मंडल अंतर्गत कल्दा क्षेत्र में प्रस्तावित कंजर्वेशन रिजर्व को लेकर ग्रामीणों के बीच चल रही चर्चाओं और विभिन्न भ्रांतियों के बीच वन विभाग ने जागरूकता पोस्टर जारी कर इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट की है। विभाग ने बताया कि कंजर्वेशन रिजर्व का उद्देश्य वन एवं जैव विविधता का संरक्षण करने के साथ स्थानीय समुदायों की भागीदारी से क्षेत्र का सतत विकास सुनिश्चित करना है। दक्षिण मंडल पन्ना के वन मंडल अधिकारी अनुपम शर्मा द्वारा आज ही पोस्टर जारी किया है।
टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क से अलग है कंजर्वेशन रिजर्व
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि कंजर्वेशन रिजर्व को टाइगर रिजर्व अथवा नेशनल पार्क नहीं माना जाता। यहां टाइगर रिजर्व या नेशनल पार्क जैसे सख्त प्रतिबंध और नियम लागू नहीं होते। ग्रामीणों का सामान्य आवागमन पहले की तरह जारी रहेगा और उनके मौजूदा निस्तार अधिकार भी पूर्ववत बने रहेंगे।
लघु वनोपज संग्रहण और खेती पर नहीं लगेगी रोक
विभाग के अनुसार महुआ, आंवला, चिरौंजी और तेंदूपत्ता जैसी पारंपरिक एवं वैध लघु वनोपज के संग्रहण पर रोक नहीं लगेगी। निजी भूमि एवं वन अधिकार प्राप्त भूमि पर कृषि कार्य भी पहले की तरह जारी रहेगा। ग्रामीणों की रोजमर्रा की गतिविधियों को रोकने का कोई प्रावधान नहीं है।
ग्राम पंचायतों के विकास कार्य भी रहेंगे जारी
पोस्टर में स्पष्ट किया गया है कि पंचायतें गांवों में पहले की तरह विकास कार्य कर सकेंगी। गैर-वन भूमि पर पंचायतों के विकास कार्यों के लिए वन विभाग की अनुमति आवश्यक नहीं होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे।
एक वर्ष से नया प्रस्ताव नहीं भेजा गया
वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि दक्षिण पन्ना वनमंडल द्वारा पिछले एक वर्ष से कंजर्वेशन रिजर्व के संबंध में कोई नया प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। आगे की प्रक्रिया स्थानीय ग्रामीणों एवं ग्रामसभा से परामर्श के बाद ही तय होगी।
ईको-टूरिज्म से रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद
वन विभाग का कहना है कि कंजर्वेशन रिजर्व बनने से जैव विविधता संरक्षण के साथ ईको-टूरिज्म, गाइड, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। रिजर्व प्रबंधन समिति में ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि सहित स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
अफवाहों से बचने और सही जानकारी पर भरोसा करने की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि कंजर्वेशन रिजर्व को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें। विभाग के अनुसार कल्दा की प्राकृतिक संपदा के संरक्षण के साथ ग्रामीणों के अधिकार, गांवों का विकास और स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना ही इसका उद्देश्य है।