
जबलपुर। एचआईवी-एड्स संक्रमण को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार, 12 अगस्त से जबलपुर जिले में HIV-AIDS सघन जागरूकता अभियान 3.0 (Intensified IEC Campaign 3.0) की शुरुआत हुई। अभियान 12 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य विशेष रूप से 15 से 49 वर्ष की आयु के लोगों को एचआईवी संक्रमण के कारणों, बचाव के उपायों, जांच और उपचार सेवाओं के प्रति जागरूक करना है।
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों में यह अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी बस्तियों में भी विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
जिला अस्पताल से निकली जागरूकता रैली
अभियान के शुभारंभ अवसर पर सेठ गोविंददास जिला चिकित्सालय परिसर से जनजागरूकता रैली निकाली गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन डॉ. नवीन कोठारी तथा डीटीओ डॉ. संतोष सिंह ठाकुर ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रैली ओमती और घंटाघर क्षेत्र से होते हुए वापस विक्टोरिया जिला चिकित्सालय परिसर पहुंचकर समाप्त हुई। रैली के माध्यम से लोगों को एचआईवी संक्रमण से बचाव, समय पर जांच और उपचार के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
स्टाफ और लिंक वर्कर्स को दिए दिशा-निर्देश
रैली के बाद स्वामी विवेकानंद सभागार में बैठक आयोजित की गई। इसमें सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने अभियान से जुड़े स्टाफ और लिंक वर्कर्स को अभियान के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्धारित गतिविधियों को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया।
अभियान के तहत जिले के ऐसे विकासखंडों, गांवों और शहरी बस्तियों को प्राथमिकता दी गई है जहां एचआईवी संक्रमण की दर अपेक्षाकृत अधिक रही है। लक्ष्यगत हस्तक्षेप परियोजनाओं की मैपिंग और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर भी संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की गई है। इसके अलावा ऐसे क्षेत्र और समूह, जहां एचआईवी संक्रमण का जोखिम अधिक हो सकता है, उन्हें भी अभियान में प्राथमिकता से शामिल किया जाएगा।
विभिन्न संस्थाओं और नर्सिंग छात्रों की सहभागिता
कार्यक्रम में डॉ. राहुल शुक्ला, दिशा क्लस्टर के क्लिनिकल ऑफिसर राजेश कुमार झारिया, डीएमडी प्रशांत श्रीवास्तव, विकास श्रीवास्तव सहित आईसीटीसी के परामर्शदाता, लैब टेक्नीशियन, डीएसआरसी स्टाफ और लक्ष्यगत हस्तक्षेप परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी मौजूद रहे।
रैली और जागरूकता अभियान में डॉ. सुधा गुप्ता मेमोरियल समिति, प्रगति भारत लक्षित हस्तक्षेप परियोजना, जागृति युवा मंच, लिंक वर्कर स्कीम से जुड़े कर्मचारियों तथा नर्सिंग स्टूडेंट्स ने भी सक्रिय सहयोग किया।