
जबलपुर। श्रीगणेश भगवान रिद्धि-सिद्धि के साथ सभी भक्तों को सद्बुद्धि देते हैं, जिससे समाज और राष्ट्र के लिए समर्पण भाव मन में जागृत होता है। मराठी संस्कृति में व्यवस्थित दिनचर्या और संस्कारों के साथ रहना सीखने मिलता है। व्यवस्थित दिनचर्या से जीवन सुखमय होता है। वरिष्ठ जनों के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से समाजसेवा, देशप्रेम और संस्कारों के साथ जुड़ाव होता है। बच्चों में बचपन से ही सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति का बीजारोपण अनिवार्य है। उक्त उद्गार महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने श्री गणेशोत्सव क्षत्रिय मराठा समाज जबलपुर के तत्वावधान में छत्रपति शिवाजी महाराज उद्यान विजय नगर में आयोजित प्रथमेश वंदना वरिष्ठ जन सम्मान समारोह में व्यक्त किए।

वरिष्ठ जनों का शाल-श्रीफल और स्मृति चिन्ह से सम्मान
गणेश उत्सव में सम्माननीय वरिष्ठ जन श्रीमती कलावती सोनोने, श्रीमती सावित्रीबाई ढवले, शिवराम जी सवडे (बम्हनी), अरुण कुमार सालुंके, विजय काकडे, विजय डुचे, श्रीमती मेघा भोसले, भास्कर राव काकडे, मधुसूदन वाघ, लक्षमण राव हाके का शाल, श्रीफल, पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सभी अतिथियों ने वरिष्ठ जनों से आशीर्वाद प्राप्त किया।

50 नृत्यांगनाओं ने दी मनोहारी कथक प्रस्तुति
प्रथमेश वंदना में नृत्याजंलि कथक पीठ की डॉ. शैली धोपे के निर्देशन में 50 नृत्यांगनाओं बच्चियों ने गणपति अथर्वशीर्ष, गणपति महामंत्र, आरती और गानों में श्रृंगारित कथक नृत्य की संगीतमय मनोहारी प्रस्तुति दी।
समाज के बड़ी संख्या में सदस्य रहे उपस्थित
इस अवसर पर पार्षद एम आई सी अंशुल राघवेन्द्र यादव, पार्षद प्रतिभा विध्येश भापकर, पार्षद सोनिया रंजीत सिंह, नलिन कांत बाजपेई, प्रवीण सालुंके, तरूण सोनोने, दिलीप झिंगे, सुनील दत्त सोनोने, सुशील जाधव, संतोष सोनोने, विजय डुचे, शिवाजी राव ढवले, अनिरुद्ध जाधव, उमेश भाऊ, विवेक भोंसले, सौमित्र शिंदे, आनंद राजा, विकास जाधव, नीरज काकडे, अजम, महिला मंडल की प्रतिभा जाधव, निर्मला हांडे, अर्चना, पिंकी, रंजना, सुषमा सरफरे, शोभा ताई, माधवी, माया सोनोने सहित बड़ी संख्या में क्षत्रिय मराठा समाज जबलपुर के सामाजिक जन उपस्थित रहे।