Karwa Chauth 2026: करवा चौथ पर चांद दिखने में बाधा डाल सकते हैं बादल, IMD का अलर्ट

चंद्रोदय के समय आसमान साफ रहेगा या नहीं, यह स्थानीय मौसम पर निर्भर करेगा

जबलपुर। करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन का इंतजार कर रहीं महिलाओं के लिए इस बार मौसम भी चिंता का कारण बन सकता है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय अति प्रचंड चक्रवाती तूफान ‘अरनब’ के प्रभाव के बीच मध्य प्रदेश के मौसम में भी बदलाव की संभावना है। जबलपुर जिले के लिए जारी कृषि-मौसम सलाह में 28 और 29 अक्टूबर को तेज हवाएं चलने तथा 30 अक्टूबर को तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में 29 अक्टूबर की शाम चंद्रोदय के समय बादल छाए रहने पर चांद देखने में परेशानी हो सकती है।

कृषि-मौसम सलाह जारी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), अखिल भारतीय समन्वित कृषि-मौसम अनुसंधान परियोजना (AICRP-अग्रोमेट) और जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय (JNKVV) की ओर से दी गई मौसम संबंधी जानकारी के अनुसार, जबलपुर जिले में 28 और 29 अक्टूबर को तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके बाद 30 अक्टूबर को तेज बारिश हो सकती है।

इस सलाह में किसानों को खरीफ की कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर शेड में रखने की सलाह दी गई है। साथ ही खेत तैयार करने और रबी फसलों की बुवाई का काम मौसम साफ एवं स्थिर होने के बाद करने को कहा गया है। किसानों को अपने क्षेत्र का ताजा मौसम पूर्वानुमान देखते रहने की सलाह भी दी गई है।

चक्रवात के असर से पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के 27 अक्टूबर को जारी उपखंडवार पूर्वानुमान में पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए 28 अक्टूबर को भारी बारिश, 29 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश और 30 अक्टूबर को फिर भारी बारिश की चेतावनी दर्ज की गई है। विभाग ने गरज-चमक और तेज हवाओं से जुड़ी मौसमी गतिविधियों को लेकर भी चेताया है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में मौसम का असर एक जैसा होना जरूरी नहीं है।

चक्रवात ‘अरनब’ बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव और इससे जुड़ी मौसमी परिस्थितियों के कारण मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और बादलों की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में बदलाव संभव है, इसलिए ताजा बुलेटिन को प्राथमिकता देना जरूरी है।

क्या करवा चौथ पर दिखाई देगा चांद?

करवा चौथ पर चांद दिखने की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि 29 अक्टूबर की शाम जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में आसमान में कितने बादल रहते हैं और बारिश की गतिविधि होती है या नहीं। यदि चंद्रमा के उदय के समय आसमान बादलों से ढका रहा, तो चांद दिखाई देने में देरी हो सकती है या कुछ समय तक दर्शन नहीं हो पाएंगे। वहीं, बादलों के बीच अंतराल होने या आसमान साफ रहने पर चांद दिखाई दे सकता है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि जबलपुर या मध्य प्रदेश के सभी शहरों में करवा चौथ का चांद नहीं दिखेगा। मौसम की स्थिति शहर और आसपास के क्षेत्रों में अलग-अलग हो सकती है। व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए चंद्रोदय के आसपास स्थानीय मौसम का ताजा पूर्वानुमान देखना उपयोगी रहेगा।

किसानों और आम लोगों के लिए सलाह

मौसम संबंधी सलाह के अनुसार, किसान खरीफ की कटी फसलों को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित शेड में रखें। रबी फसलों की बुवाई और खेत तैयार करने का काम मौसम साफ तथा स्थिर होने के बाद करें। तेज हवाओं, गरज-चमक या बिजली गिरने की स्थिति में खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।

करवा चौथ के दिन मौसम की स्थिति जानने के लिए IMD और स्थानीय मौसम केंद्र के नवीनतम अपडेट पर नजर रखें। बादलों और बारिश का अंतिम असर चंद्रोदय के समय की वास्तविक मौसमी परिस्थितियों से ही स्पष्ट होगा।