नींद की दवाइयां बंद, सिरदर्द से राहत! हटा के हैप्पीनेस प्रोग्राम में प्रतिभागियों ने साझा किए अनुभव

आर्ट ऑफ लिविंग के शिक्षक आशुतोष सुहाने ने प्राणायाम, सुदर्शन क्रिया, योग और ध्यान की जानकारी दी

हटा। आर्ट ऑफ लिविंग हटा द्वारा आनंदम में आयोजित पांच दिवसीय हैप्पीनेस प्रोग्राम का सोमवार को समापन हो गया। इस अवसर पर प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान किए गए अभ्यासों से उन्हें नींद, सिरदर्द और दिनचर्या से जुड़ी समस्याओं में सुधार महसूस हुआ।

नींद से जुड़ी समस्या का समाधान हुआ

अपने अनुभव साझा करते हुए प्रतिभागी श्रुति ने बताया कि उन्होंने पिछले माह भी यह कोर्स किया था। इससे पहले उन्हें शांति और नींद के लिए दवाइयों का सहारा लेना पड़ता था। उनका इलाज नागपुर में चल रहा था। कोर्स के बाद जब वे दोबारा रूटीन चेकअप कराने नागपुर गईं, तो डॉक्टर ने नींद से संबंधित दवाइयां बंद कर करने की सलाह दी। श्रुति के अनुसार, डॉक्टर ने उनकी स्थिति में काफी सुधार बताया है और उन्हें भी इसका अहसास हो रहा है।

प्रगति ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें नींद की समस्या थी, जो इस कोर्स के कारण काफी हद तक दूर हो गई है। पिछले पांच-छह माह से यह समस्या बनी हुई थी, लेकिन अब उन्हें इसका पता नहीं चलता और नींद आ जाती है।

नम्रता ने बताया कि पिछले पांच दिनों से क्रिया का अभ्यास करने से उनकी सिरदर्द की समस्या में राहत मिली है। उन्होंने कहा कि क्रिया करने से बहुत शांति मिलती है।

सुबह जल्दी उठने की आदत में मिली मदद

रिषी ने बताया कि उन्हें सुबह जल्दी उठने में काफी समस्या होती थी। कोर्स में शामिल होने के बाद यहां कराई गई क्रिया के अभ्यास से उन्हें स्वयं ही सुबह जल्दी उठने की आदत हो गई। उन्होंने बताया कि अब पूरे दिन बहुत अच्छा महसूस होता है।

नियमित सुदर्शन क्रिया करने की सलाह

हैप्पीनेस प्रोग्राम के दौरान आर्ट ऑफ लिविंग के शिक्षक आशुतोष सुहाने ने प्रतिभागियों को प्राणायाम, सुदर्शन क्रिया, योग और ध्यान के बारे में जानकारी दी। पांच दिनों के लगातार अभ्यास के बाद उन्होंने प्रतिभागियों को नियमित रूप से सुदर्शन क्रिया करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नियमित क्रिया करने से एकाग्रता बढ़ती है और तनाव से मुक्ति मिलती है।

स्वयंसेवक और साधक रहे मौजूद

हैप्पीनेस प्रोग्राम के दौरान उदयभान पटेल, गौरव सिंघई, आनंद नामदेव, अमित सुहाने, शरद अठया, रितिक गुप्ता, आयुशी गुप्ता, लेखराम शर्मा सहित अन्य स्वयंसेवक एवं साधक मौजूद रहे।