21 साल बाद मध्य प्रदेश में फिर दौड़ेंगी सरकारी बसें, पहले चरण में 150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन

भोपाल। मध्य प्रदेश में करीब 21 साल बाद सरकारी बस सेवा की वापसी होने जा रही है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा के तहत आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने जा रही है। पहले चरण में 150 इलेक्ट्रिक बसें प्रदेश के छह प्रमुख शहरों और संभागों में चलाई जाएंगी।

पहले चरण में इन शहरों को मिलेगी सुविधा

योजना के तहत शुरुआत में इंदौर, भोपाल और जबलपुर सहित छह प्रमुख संभागों में बसों का संचालन किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से सेवा का विस्तार उज्जैन, ग्वालियर, सागर और रीवा संभाग तक किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

सीसीटीवी और आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी बसें

नई सरकारी बसें पूरी तरह वातानुकूलित (एसी) इलेक्ट्रिक बसें होंगी। इनमें यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे सहित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रदूषण में कमी आने के साथ यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।

डिजिटल टिकटिंग की सुविधा

यात्री बसों का टिकट चलो (Chalo) ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप से बुक कर सकेंगे। इससे टिकट लेने की प्रक्रिया आसान होगी और यात्रियों को समय की बचत भी होगी।

पड़ोसी राज्यों से भी बढ़ेगी कनेक्टिविटी

सरकार की योजना के अनुसार भविष्य में इन बसों के माध्यम से मध्य प्रदेश को महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से भी जोड़ा जाएगा। इससे अंतरराज्यीय यात्रा अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

दो दशक बाद लौट रही सरकारी बस सेवा

मध्य प्रदेश में राज्य संचालित बस सेवा करीब दो दशक पहले बंद हो गई थी। अब मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा के माध्यम से इसे नए स्वरूप में दोबारा शुरू किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों को सुरक्षित एवं किफायती यात्रा का विकल्प मिलेगा।

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