प्रत्येक रोगी के साथ हमारा व्यवहार मानवीय व आत्मीय होगा, नवीन आयुर्वेद बैच ने ली शपथ

भोपाल। प्रत्येक रोगी के साथ हमारा व्यवहार मानवीय व आत्मीय होगा। यह शपथ छात्रों ने ली। प्रदेश में अग्रणी सर्वपल्ली राधाकृष्णन कॉलेज ऑफ आयुर्वेद हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर भोपाल के तत्वावधान में भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग नई दिल्ली के मापदण्डानुसार मार्गदर्शन में इंडक्शन समारोह आयोजित किया गया।

इसके अंतर्गत आयुरप्रवेशिका ट्रांजिक्शनल करीकुलम सत्र 2025-26 के बीएएमएस बैच का शुभारंभ किया गया।

पूजन व हवन के बाद हुआ समारोह का शुभारंभ

मां सरस्वती एवं भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना व हवन के पश्चात समारोह का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मप्र आयुर्वेद सम्मेलन एवं विश्व आयुर्वेद परिषद से जुड़े ऊद्ववदास मेहता ट्रस्ट के सुप्रसिद्ध वैद्य डॉ. गोपालदास ऊद्धवदास मेहता उपस्थित रहे।

विशिष्ट अतिथियों में सर्वपल्ली राधाकृष्णन यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. अरुण श्रीवास्तव, आरकेडीएफ मेडिकल के सीईओ डॉ. हर्षवर्धन सिंह, संस्था प्राचार्य डॉ. राकेश पाण्डेय, मैनेजमेंट आयुर्वेद डॉ. आर. गुप्ता, उपप्राचार्य डॉ. नितिन तिवारी एवं डॉ. सत्यप्रकाश पाठक शामिल रहे।

भविष्य आयुर्वेद का है

मुख्य अतिथि डॉ. गोपालदास मेहता ने कहा कि भविष्य आयुर्वेद का है और आने वाले समय में आयुर्वेद ही मुख्य चिकित्सा पद्धति के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने छात्रों से आयुर्वेद के सिद्धांतों को आत्मसात कर सेवा भाव से कार्य करने का आह्वान किया।

सीईओ सर्वपल्ली राधाकृष्णन विश्वविद्यालय ने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों को अकादमिक क्षेत्र में हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

कुलपति डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि यदि आयुर्वेद में टेस्टिंग और रिसर्च को और बढ़ावा दिया जाए तो इसे नंबर वन चिकित्सा पद्धति बनने से कोई नहीं रोक सकता।

नवीन छात्रों को दिलाई गई शपथ

इस अवसर पर संस्था प्राचार्य डॉ. राकेश पाण्डेय ने नवीन छात्रों को शपथ दिलाई। समारोह में नवीन छात्रों के अभिभावकगण, समस्त टीचिंग एवं नॉन-टीचिंग स्टाफ, हॉस्पिटल स्टाफ, छात्र-छात्राएं तथा सर्वपल्ली राधाकृष्णन विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन यश पाटिल, मोहिनी एवं आकृति मिश्रा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. नितिन तिवारी द्वारा किया गया।

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