
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर न केवल आम जनता, बल्कि पार्टी के भीतर भी सभी को चौंका दिया है। 45 वर्षीय नितिन नबीन वर्तमान में बिहार सरकार में मंत्री हैं और बिहार विधानसभा के पांच बार के विधायक रह चुके हैं।
दिलचस्प बात यह है कि नितिन नबीन के नाम को लेकर न तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) स्तर पर कोई स्पष्ट संकेत थे और न ही भाजपा के संगठनात्मक गलियारों में इस तरह की कोई चर्चा चल रही थी। ऐसे में उनकी नियुक्ति को पार्टी के एक बड़े और रणनीतिक फैसले के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर उन्हें बधाई दी है।
भविष्य में अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना
भाजपा में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का पद बेहद अहम माना जाता है। वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी पूर्णकालिक अध्यक्ष बनने से पहले कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जेपी नड्डा 17 जून 2019 को भाजपा के पहले कार्यकारी अध्यक्ष बने और 20 जनवरी 2020 को उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
नितिन नबीन भाजपा के दूसरे नेता हैं, जिन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। इस नियुक्ति के बाद पार्टी के अंदरखाने में यह चर्चा तेज हो गई है कि भविष्य में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनाया जा सकता है। संगठन में उनके अनुभव और राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए इस संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
भाजपा के अब तक के राष्ट्रीय अध्यक्ष
अटल बिहारी वाजपेयी (1980–86)
लाल कृष्ण आडवाणी (1986–91)
मुरली मनोहर जोशी (1991–93)
लाल कृष्ण आडवाणी (1993–98)
कुशाभाऊ ठाकरे (1998–2000)
बंगारु लक्ष्मण (2000–01)
जना कृष्णमूर्ति (2001–02)
वेंकैया नायडू (2002–04)
लाल कृष्ण आडवाणी (2004–05)
राजनाथ सिंह (2005–09)
नितिन गडकरी (2010–13)
राजनाथ सिंह (2013–14)
अमित शाह (2014–20)
जेपी नड्डा (2020–25)
भाजपा के अब तक कुल 14 राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं और नितिन नबीन की नई भूमिका पार्टी के नेतृत्व क्रम में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ती है।