
जबलपुर। श्री महावीर स्वामी दिगम्बर जैन मंदिर, धर्मायतन गोलबाजार में आयोजित “विपर्यास निवारण संगोष्ठी” के अंतर्गत युवाओं के लिए “तनाव मुक्त एवं सुखी जीवन जीने की सरल विधि” पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अध्यात्म रसिक बाल ब्रह्मचारी सुमत प्रकाश जी ने युवाओं को व्यक्तिगत, सामाजिक और राष्ट्र उत्थान के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सुखी व्यक्ति ही समाज और देश के हित में कार्य कर सकता है। सच्चा आनंद और शांति केवल प्रमाणिक ज्ञान से ही प्राप्त हो सकती है, जबकि अप्रमाणिक विश्वास या अंधानुकरण केवल अस्थायी सुख देता है और अंततः दुख का कारण बनता है।
अंधानुकरण से बचें, स्व-परीक्षा अपनाएं
मुमुक्षु युवाओं में “भाई श्री” के नाम से लोकप्रिय सुमत प्रकाश जी ने कहा कि आज का युवा खान-पान, वस्त्र, रहन-सहन, शिक्षा और संस्कृति के हर क्षेत्र में बिना परीक्षा किए पश्चिमी देशों और प्रसिद्ध हस्तियों की नकल करता है। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि केवल सुनी-सुनाई या नकल की गई बातें मन को भ्रमित करती हैं, जीवन को जटिल और असंतोषी बना देती हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को हर कार्य में स्व-विवेक का प्रयोग करना चाहिए और किसी भी परंपरा या प्रथा को अपने अनुभव से सत्यापित करना चाहिए।
सच्चा साधक वही जो ज्ञान को जीवन में उतारे
भाई श्री ने कहा कि सच्चा साधक वही है जो केवल ज्ञान अर्जित नहीं करता, बल्कि उसे अपने जीवन में व्यवहारिक रूप से अपनाता है। उन्होंने बताया कि सत्य को जानने के बाद भी केवल दूसरों की पूजा-पद्धति या आचरण की नकल आत्मिक शांति नहीं दे सकती। सच्चा साधक प्रशंसा या आलोचना से अप्रभावित रहता है। “लोग क्या कहेंगे” जैसी सोच व्यक्ति की प्रगति में बाधा बनती है।
भौतिक उपलब्धियों से नहीं मिलती शांति
सुमत प्रकाश जी ने कहा कि आज समाज में अवसाद, तलाक की बढ़ती दरें और असंतुलित जीवनशैली इस बात का संकेत हैं कि केवल भौतिक उपलब्धियाँ व्यक्ति को शांति नहीं दे सकतीं। उन्होंने कहा कि आत्म-संयम और संतुलन ही जीवन की स्थायी सफलता का मूल मंत्र है। आधुनिक जीवन की अव्यवस्था, तनाव और रिश्तों की टूटन को रोकने के लिए संतुलित जीवन जरूरी है।
युवाओं के लिए साप्ताहिक सत्र
जैन युवा फेडरेशन के अध्यक्ष अभिषेक जैन ने बताया कि प्रत्येक रविवार को प्रातः 10 बजे धर्मायतन परिसर में युवाओं के लिए विशेष सत्र का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उनकी व्यक्तिगत समस्याओं और समाज उत्थान में योगदान पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने युवाओं से समाज, देश और आत्मकल्याण के इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।