
जबलपुर। शहर में स्वास्थ्य संस्थानों की व्यवस्थाओं की जांच के लिए चल रही कार्रवाई के तहत बुधवार को राइट टाउन स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान सेंटर का पंजीयन निर्धारित अवधि समाप्त होने के बावजूद नवीनीकृत नहीं कराया गया था। इसके अलावा कर्मचारियों की शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संबंधी आवश्यक दस्तावेज भी मौके पर उपलब्ध नहीं मिले।
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय जांच दल ने मदन महल स्टेशन रोड, राइट टाउन स्थित पेथ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर का निरीक्षण किया। दल में ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अमिता जैन, डॉ. रत्नेश नामदेव, डॉ. तुषार गुप्ता, जिला मीडिया अधिकारी अजय कुरील और विकास श्रीवास्तव शामिल रहे।
मार्च में खत्म हो चुका था पंजीयन
निरीक्षण के दौरान सेंटर द्वारा प्रस्तुत पंजीयन दस्तावेज की वैधता समाप्त मिली। अधिकारियों के मुताबिक पंजीयन की अवधि मार्च 2026 में ही खत्म हो चुकी थी और उसके नवीनीकरण के लिए अब तक प्रक्रिया शुरू नहीं की गई थी। जांच दल को सेंटर में कार्यरत स्टाफ की शैक्षणिक योग्यता और प्रशिक्षण से जुड़े प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध नहीं कराए गए।
दस्तावेज तीन दिन में जमा कराने के निर्देश
जांच के दौरान लैब हेड लकी सिंह, लैब टेक्नीशियन आरती नेमा और सेल्स मैनेजर अनिल गुप्ता मौके पर मौजूद मिले। सेंटर में पैथोलॉजिस्ट के रूप में डॉ. अमिता त्रिवेदी के कार्यरत होने की जानकारी मिली। जांच दल ने उन्हें कार्रवाई में सहयोग के लिए संपर्क किया, लेकिन वे मौके पर उपस्थित नहीं हुईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच दल ने सेंटर को तत्काल सील कर दिया। साथ ही मौजूद कर्मचारियों को सेंटर से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज तीन दिनों के भीतर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई निर्धारित की जाएगी।