
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच आज मुलाकात हुई। एससीओ मीटिंग के पहले आज दोनों के बीच 55 मिनट बातचीत हुई। इस दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि पीएम मोदी से मिलकर खुशी हुई।
जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों का साथ आना जरूरी है। दोनों देश आपसी साझेदार हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं। ड्रेगैन और हाथी को साथ आना जरूरी है। दोनों देशों का साथ आना जरूरी है। एक दूसरे के लिए विकास के अवसर बनेंगे।
सात साल बाद यात्रा
पीएम मोदी की चीन यात्रा सात साल बाद हुई है। एससीओ की मीटिंग के लिए पीएम मोदी तियानजिन गए हैं।
पीएम मोदी ने यह कहा
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले वर्ष कजान में हमारी बहुत ही सार्थक चर्चा हुई थी। हमारे संबंधों को एक सकारात्मक दिशा मिली। सीमा पर डिस्एंगेजमेंट के बाद शांति और स्थिरता का माहौल बना हुआ है।
हमारे स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव के बीच बॉर्डर मैनेजमेंट के संबंध में सहमति बनी है। कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हुई है। दोनों देशों के बीच सीधी फ्लाइट भी फिर से शुरू की जा रही है।
हमारे सहयोग से दोनों देशों के 2.8 बिलियन लोगों के हित जुड़े हैं। इससे पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा। परस्पर विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर हम अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए कमिटेड हैं।
पुतिन से भी होगी मुलाकात
एससीओ मीटिंग में रूस के राष्ट्रपति पुतिन भी पहुंचेंगे। मोदी की कल पुतिन से मुलाकात होगी। इसके पहले कल यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने फोन पर मोदी से बात की थी।
अमेरिका के द्वारा 50 प्रतिशत टैरिफ भारत पर लगाने के बाद तीनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष की मुलाकात पर पूरे विश्व की नजर है। कल पुतिन से मोदी की द्विपक्षीय मुलाकात होगी।