
आराधना और समर्पण का महत्व
आत्म और भौतिक भाव की भगवान को सर्वस्व समर्पण की अभिव्यक्ति आराधना, पूजन, अर्चन, आरती है। नरसिंह मंदिर में भगवान श्री नरसिंह प्राकट्य महोत्सव पर सहस्ञ अर्चन अभिषेक आरती में परम पूज्य श्रीमद् जगतगुरु नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज ने द्वितीय दिवस में यह विचार व्यक्त किए।

त्रिदिवसीय महोत्सव का आयोजन
भगवान श्री नरसिंह के प्राकट्य महोत्सव परम पूज्य श्रीमद् जगतगुरु नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज के सानिध्य में तीन दिवसीय अभिषेक पूजन, सहस्त्रार्चन, तर्पण हवन का आयोजन प्रातः 10 से 12 बजे एवं सायं 4 बजे से 8 बजे तक किया जा रहा है।
द्वितीय दिवस की झलक
द्वितीय दिवस पूजन अर्चन, सहस्त्रनाम स्तोत्र पाठ एवं तर्पण हवन में श्याम साहनी, मुन्ना पांडे, डा पुष्पराज पटेल, रामचरण दास जी, रामजी पुजारी, लालमणि मिश्रा, एस बी मिश्रा, रेखा, संतोष खम्परिया, पद्मा, संजय तिवारी, विष्णु पटेल, विध्येश भापकर, इंदुलता, राजेंद्र प्यासी, लोकराम कोरी, राजेंद्र यादव, संदीप मिश्रा, जीवन कपिल, आचार्य रामफल शास्त्री, प्रियांशु शास्त्री सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त जनों की उपस्थिति रही।
तृतीय दिवस का कार्यक्रम
तृतीय दिवस भगवान श्री नरसिंह प्राकट्य दिवस पर प्रातः काल 10 बजे से अभिषेक पूजन सहस्त्रार्चन तथा सायं 4 बजे से तर्पण हवन, महाआरती एवं प्रसाद वितरण किया जाएगा।