
ग्लास्गो। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने बॉकिसंग में दो गोल्ड मेडल जीत लिए। जैस्मिन लांबोरिया ने विमेंस बॉक्सिंग की 57 किलो कैटेगरी के फाइनल में नॉर्दर्न आयरलैंड की मिकाएला वॉल्स को हराकर गोल्ड मेडल जीता। वहीं इसके पहले विमेंस बॉक्सिंग के 54 किलो वर्ग में प्रीति पवार ने कनाडा की सवाना डोलमागो को हराकर गोल्ड जीता था। भारत ने अब तक विभिन्न स्पर्धा में कुल 7 गोल्ड मेडल सहित कुल 27 मेडल जीत लिए हैं।
जूडो में जीते 2 गोल्ड मेडल
कॉमनवेल्थ गेम में भारत ने इसके पहले जूडो में 2 गोल्ड जीते। अस्मिता डे व हर्ष सिंह ने गोल्ड जीतकर इतिहास रचा। जूडो में यामिनी मौर्य ने 1 सिल्वर जीता। एथलीट तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन ने ब्रांज मेडल जीता। वहीं भारतीय भारोत्तोलक लवप्रीत सिंह ने 110 किग्रा से अधिक भार वर्ग में रजत पदक जीता। लवप्रीत सिंह ने कुल 388 किग्रा वजन उठाया। न्यूजीलैंड के डेविड लिटी से यह केवल 1 किग्रा कम था। लिटी ने 389 किग्रा के साथ गोल्ड गेडल जीता। कॉमनवेल्थ गेम में इस बार भारतीय मुक्केबाजों को 10 मेडल मिले हैं। इसमें 6 महिलाओं और 4 मेडल पुरुषों ने जीते हैं। जबकि बॉक्सिंग में 2022 में बर्मिंघम में महिलाओं ने 3 जबकि पुरुषों ने 4 मेडल जीते थे।
भारतीय एथलीट सीमा कालीरमन ने महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। सीमा ने कहा कि यह पदक मेरे चार साल के बेटे के लिए सबसे बड़ा तोहफा है। सीमा ने 58.65 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।
कॉमनवेल्थ गेम्स में हर्ष ने ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ केट्ज को मात दी। खेल के आखिरी 41 सेकंड में हर्ष ने इतिहास रचा। राजस्थान कोटा जिले की अरुंधति चौधरी समेत पांच भारतीय मुक्केबाजों ने फाइनल का टिकट कटाया। अरुंधति ने 70 किग्रा भार वर्ग में वेल्स की रोजी एक्लेस को 4-0 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया।
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की 6 वीं पोजिशन के साथ 7 गोल्ड, 13 सिल्वर और 7 ब्रांज मेडल के साथ 27 मेडल शामिल हैं। वहीं सबसे अधिक ऑस्ट्रेलिया पहली पोजिशन के साथ 53 गोल्ड, 31 सिल्वर और 45 ब्रांज मिलाकर कुल 132 मेडल जीते हैं।