रादुविवि कर्मचारी संघ में दरार – अध्यक्ष के हड़ताल स्थगित करने के बाद भी जारी है हड़ताल

जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में हड़ताल कर रहे कर्मचारी संघ में दरार पड़ गई है। संघ के अध्यक्ष ने हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया लेकिन अन्य संघ पदाधिकारियों ने इसका विरोध किया। कर्मचारी संघ 25 सितंबर को इस मामले में कोई निर्णय लेंगे। अध्यक्ष ने कहा कि हड़ताल के नाम पर अराजकता की जा रही है जिस वजह से यह निर्णय लिया था।

हड़ताल से ये असर

मालूम हो कि कर्मचारियों की हड़ताल को 17 दिन हो गए हैं। लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। वहीं हड़ताल के कारण छात्रों से संबंधित कार्य और एग्जाम से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहा है। इससे छात्र परेशान हैं।

कर्मचारी संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह पटैल ने कहा कि कर्मचारी संघ की हड़ताल में कई असामाजिक तत्व भी इन्वॉल्व हो रहे हैं। कुछ दिनों से कर्मचारियों को नशा करवाकर लाया जाता है ताकि हालात खराब हों। इसलिए हड़ताल को स्थगित करने का फैसला किया।

बताया जाता है कि संघ के कुछ नेताओं के साथ अध्यक्ष की बहस और हाथापाई जैसी स्थिति बनी। महासचिव राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि हड़ताल जारी है। अध्यक्ष ने स्वयं को इससे अलग किया है यह उनका निजी फैसला होगा। कार्यकारिणी में 17 पदाधिकारी हैं, जिसमें 15 ने हड़ताल का समर्थन किया है। अब आमसभा में हड़ताल को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

देवेंद्र छात्रावास से समर्थन

देवेंद्र छात्रावास के छात्र कर्मचारियों के समर्थन में हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांग जायज है जिसका समाधान होना चाहिए। इस संबंध में सहायक कुलसचिव अभयकांत मिश्रा को ज्ञापन भी सौंपा।

कुलसचिव कार्यालय का घेराव

हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने बुधवार को कुलसचिव कार्यालय का घेराव किया। पेंशन भुगतान, समयमान वेतनमान की अंतरराशि का भुगतान, अनुकम्पा नियुक्ति, स्थाई कर्मियों का नियमितीकरण, आवास मरम्मत जैसी 20 सूत्रीय मांग को लेकर कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों और पेंशनर्स ने कुलसचिव कार्यालय में कुलसचिव का घेराव करते नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया।

कर्मचारी संघ के महासचिव राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के उदासीन रवैये से कर्मचारियों और पेंशनर्स में आक्रोश व्याप्त है।

कर्मचारी संघ के प्रेम प्रकाश पुरोहित और ओम प्रकाश शुक्ल ने सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर कर्मचारी संघ के शिवशंकर पाण्डेय, बंशबहोर पटेल, अंकित श्रीवास, राजेन्द्र कनौजिया, रजनीश पाण्डेय, रामसजीवन सोंधिया, मंगलू सिंह मरकाम के साथ बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और पेंशनर्स की उपस्थिति रही।

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