
प्रातःकालीन सत्र में पूजन और शास्त्र स्वाध्याय
श्री वीतराग विज्ञान मंडल के अध्यक्ष अशोक जैन, संजय जैन, जैन युवा फेडरेशन के अध्यक्ष अभिषेक जैन एवं सचिव संदीप जैन द्वारा संयुक्त रूप से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि महापर्व के दौरान प्रतिदिन प्रातः 7:15 से 10:30 बजे तक प्रक्षाल अभिषेक, नित्य नियम पूजन, शास्त्र स्वाध्याय एवं तत्त्वार्थसूत्र कक्षा आयोजित होगी।
रात्रिकालीन कार्यक्रमों में भक्ति और सांस्कृतिक आयोजन
रात्रि में 7:30 से 10:30 बजे तक पाठशाला, जिनेन्द्र भक्ति, प्रतिक्रमण पाठ, शास्त्र स्वाध्याय एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों के अनुसार, इन कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धार्मिक अध्ययन, साधना और आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
विशेष धार्मिक अवसरों पर होंगे आयोजन
दशलक्षण महापर्व के दौरान विभिन्न विशेष धार्मिक अवसर भी मनाए जाएंगे। 17 सितंबर को श्री सुपार्श्वनाथ भगवान गर्भ कल्याणक तथा 19 सितंबर को श्री पुष्पदंत भगवान मोक्ष कल्याणक का आयोजन होगा।
22 सितंबर को जबलपुर के जिन मंदिरों की सामूहिक वंदना दोपहर 2 बजे से होगी। वहीं 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर श्री वासुपूज्य भगवान मोक्ष कल्याणक मनाया जाएगा। इसके बाद 27 सितंबर को क्षमावाणी पर्व का आयोजन किया जाएगा।
श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आग्रह
आयोजकों ने समाज के सभी श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी बंधुओं से दशलक्षण महापर्व के सभी धार्मिक आयोजनों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है।
आयोजन से जुड़ी प्रमुख जानकारी
स्थान: श्री महावीर स्वामी दिगंबर जिन मंदिर, धर्मायतन, गोलबाजार, जबलपुर
अवधि: 16 से 25 सितंबर 2026
विशेष विद्वत् सान्निध्य: पं. विपिन जी शास्त्री, मुंबई