ब्रिक्स शिखर सम्मेलन समाप्त, चुनौतियों पर एकजुट हुए सदस्य देश, आर्थिक सहयोग और शांति-सुरक्षा पर जोर

भारत की अध्यक्षता में व्यापार, आतंकवाद, ऊर्जा सुरक्षा और बहुपक्षीय सहयोग पर साझा रुख अपनाया गया

नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का समापन हो गया। सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर शांति, सुरक्षा और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।

वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार पर चर्चा

सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार व्यवस्था से जुड़े विषय प्रमुखता से उठे। ब्रिक्स देशों ने विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय एवं व्यापारिक व्यवस्था को अधिक संतुलित और समावेशी बनाने की आवश्यकता बताई।

इसके साथ ही सदस्य देशों के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और साझा हितों को आगे बढ़ाने पर सदस्य देशों ने जोर दिया।

आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई पर जोर

आतंकवाद के मुद्दे पर भी ब्रिक्स देशों ने स्पष्ट रुख अपनाया। आतंकवाद के सभी स्वरूपों की निंदा करते हुए इसके वित्तपोषण और आतंकी नेटवर्क के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत बताई गई।

भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्राथमिकताओं को मजबूती से रखा और इस चुनौती से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग को आवश्यक बताया।

संघर्षों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति

बैठक में पश्चिम एशिया सहित दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे संघर्षों और तनाव पर भी चर्चा हुई। सदस्य देशों ने विवादों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों को प्राथमिकता देने की बात कही।

ऊर्जा एवं खाद्य सुरक्षा तथा आपूर्ति शृंखला को मजबूत बनाने जैसे विषय भी सम्मेलन के एजेंडे में शामिल रहे। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

सहयोग को घोषणाओं से आगे ले जाने पर मोदी का जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स सहयोग को केवल बैठकों और घोषणाओं तक सीमित न रखते हुए उन्हें जमीन पर लागू करने की जरूरत बताई। उन्होंने सदस्य देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

ग्लोबल साउथ के सहयोग को आगे बढ़ाने का संदेश

भारत की अध्यक्षता में हुआ यह सम्मेलन ग्लोबल साउथ के देशों के बीच सहयोग और साझा हितों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन के समापन के साथ भारत ने ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान तय प्राथमिकताओं और सहयोग की दिशा को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

अगला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन चीन में

भारत की अध्यक्षता में आयोजित शिखर सम्मेलन के समापन के बाद अगला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन चीन में आयोजित होगा।

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