
जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने 220 केवी सब स्टेशन नयागांव, जबलपुर से निकलने वाली 132 केवी नयागांव-व्हीकल फैक्ट्री-विनोबा भावे लाइन पर टावरों की अर्थिंग व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए कंपनी के अभियंताओं द्वारा किए गए नवाचारों और रिसर्च आधारित कार्यों का फील्ड में पहुंचकर निरीक्षण किया। जबलपुर विकास प्राधिकरण की स्कीम नंबर 65 के नजदीक टावरों की अर्थिंग सुधार के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी तकनीकी नवाचार की सफलता तभी मानी जाएगी, जब उसका लाभ केवल मध्य प्रदेश तक सीमित न रहकर देश के अन्य पावर सेक्टर संगठनों को भी प्राप्त हो।
टावर फुटिंग रेजिस्टेंस कम करने के लिए किए जा रहे हैं विशेष प्रयास
निरीक्षण के दौरान श्री तिवारी ने ट्रांसमिशन लाइनों की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए टावरों की अर्थिंग को मजबूत बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टावर फुटिंग रेजिस्टेंस (टीएफआर) को निर्धारित मानकों के अनुरूप लाने का कार्य प्राथमिकता और सटीकता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि कमजोर अर्थिंग के कारण होने वाली ट्रिपिंग की घटनाओं को कम करने तथा लाइन की विश्वसनीयता बढ़ाने में यह कार्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भविष्य के शहरी विस्तार को ध्यान में रखकर हों निर्माण कार्य
प्रबंध संचालक ने कहा कि जबलपुर सहित प्रदेश में नई कॉलोनियों और आवासीय क्षेत्रों का तेजी से विस्तार हो रहा है। ऐसी स्थिति में ट्रांसमिशन टावरों के निर्माण के समय भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यक हो, वहां टावरों की ऊंचाई का निर्धारण दीर्घकालिक दृष्टिकोण से किया जाए, ताकि भविष्य में आसपास आबादी विकसित होने पर सुरक्षा और आवश्यक क्लीयरेंस संबंधी समस्याएं उत्पन्न न हों।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस डी.के. अग्रवाल, मुख्य अभियंता (कार्य) सतीश दुबे, अधीक्षण अभियंता आर.एस. पांडे, कार्यपालन अभियंता ए.पी.एस. चौहान, हर्ष श्रीवास्तव, जितेंद्र तिवारी तथा सहायक अभियंता राजेश तिवारी उपस्थित थे।
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