जबलपुर में ई-रिक्शा के रूट होंगे तय, मनमानी पर लगेगी रोक; तीन जोन में बंटेगा शहर

जबलपुर। शहर में बढ़ती ई-रिक्शा की संख्या और इनके मनमाने संचालन से पैदा हो रही यातायात की समस्या को देखते हुए परिवहन और यातायात विभाग नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में हैं। करीब 9 हजार ई-रिक्शा के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए शहर को तीन जोन में बांटने, अलग-अलग रूट निर्धारित करने और जोन की पहचान के लिए रंग कोडिंग लागू करने की योजना बनाई जा रही है। इसके साथ ही पार्किंग स्थल, सवारी प्रतीक्षा स्थल और प्रतिबंधित मार्ग भी चिन्हित किए जाएंगे।

परिवहन और यातायात विभाग संयुक्त रूप से इस व्यवस्था का ब्लूप्रिंट तैयार कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक इसका उद्देश्य ई-रिक्शा के संचालन पर अनावश्यक रोक लगाना नहीं, बल्कि उनके संचालन को तय व्यवस्था के तहत व्यवस्थित करना है।

तीन जोन में बांटने की तैयारी

प्रस्तावित योजना के तहत शहर को तीन जोन में बांटा जाएगा। इन जोन का निर्धारण तीन डीएसपी यातायात के क्षेत्रों के आधार पर किए जाने की तैयारी है। प्रत्येक जोन के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए जाएंगे।

जिस ई-रिक्शा को जिस जोन के लिए निर्धारित किया जाएगा, उसे उसी क्षेत्र और निर्धारित रूट पर चलने की अनुमति होगी। इससे यात्री मिलने की संभावना में चालकों के मनमाने ढंग से एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जाने पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

रंग कोडिंग से होगी ई-रिक्शा की पहचान

नई व्यवस्था में ई-रिक्शा के लिए रंग कोडिंग लागू करने की योजना भी है। तीनों जोन के लिए अलग-अलग रंग निर्धारित किए जा सकते हैं। इससे सड़क पर ही यह पहचानना आसान होगा कि संबंधित ई-रिक्शा किस जोन के लिए अधिकृत है।

यदि कोई ई-रिक्शा अपने निर्धारित क्षेत्र से बाहर संचालित होता है तो रंग कोडिंग के माध्यम से यातायात पुलिस और परिवहन विभाग के लिए उसकी पहचान करना आसान हो सकता है।

सड़क पर खड़े होकर सवारी का इंतजार नहीं

ई-रिक्शा चालकों के सड़क किनारे खड़े होकर सवारी का इंतजार करने की समस्या को भी प्रस्तावित व्यवस्था में शामिल किया गया है। विभाग निर्धारित पार्किंग और सवारी प्रतीक्षा स्थल बनाने की तैयारी कर रहा है। बस स्टॉप और अन्य उपयुक्त स्थानों को भी ई-रिक्शा के लिए चिन्हित किया जाएगा।

अधिकारियों का मानना है कि सड़क पर बेतरतीब तरीके से ई-रिक्शा खड़े होने से सड़क की उपलब्ध चौड़ाई कम होती है और कई जगह यातायात बाधित होता है। निर्धारित स्थानों पर ही सवारी का इंतजार कराने से इस समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है।

इन रास्तों पर लग सकता है प्रतिबंध

शहर के ऐसे प्रमुख मार्ग और क्षेत्र, जहां पहले से यातायात का दबाव अधिक है, वहां ई-रिक्शा के संचालन पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी भी की जा रही है। परिवहन और यातायात विभाग ऐसे मार्गों की सूची तैयार कर रहे हैं।

अंतिम निर्णय के बाद इन क्षेत्रों में ई-रिक्शा के प्रवेश और संचालन को नियंत्रित किया जाएगा। हालांकि, प्रतिबंधित मार्गों की अंतिम सूची विभाग की ओर से व्यवस्था को अंतिम रूप दिए जाने के बाद ही स्पष्ट होगी।

ब्लूप्रिंट में पांच प्रमुख व्यवस्थाएं

प्रस्तावित ब्लूप्रिंट में ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने के लिए मुख्य रूप से पांच व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है। इनमें शहर में तीन जोन का निर्धारण, प्रत्येक जोन के लिए ई-रिक्शा रूट तय करना, जोन की पहचान के लिए रंग कोडिंग, पार्किंग एवं सवारी प्रतीक्षा स्थल निर्धारित करना तथा ई-रिक्शा के लिए प्रतिबंधित मार्ग और क्षेत्र तय करना शामिल है।

9 हजार ई-रिक्शा के लिए व्यवस्था क्यों जरूरी

जबलपुर में ई-रिक्शा की संख्या बढ़ने के साथ शहर की यातायात व्यवस्था पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है। कई प्रमुख मार्गों पर ई-रिक्शा सवारी के इंतजार में सड़क किनारे खड़े रहते हैं। वहीं, यात्री मिलने की उम्मीद में चालक ऐसे मार्गों पर भी पहुंच जाते हैं, जहां पहले से यातायात का दबाव अधिक रहता है।

ऐसे में यदि जोन और रूट व्यवस्था लागू होती है तो ई-रिक्शा की आवाजाही को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। इससे निर्धारित क्षेत्र में संचालन, पार्किंग और सवारी प्रतीक्षा के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जाएगा।

हालांकि, व्यवस्था लागू होने के बाद इसकी प्रभावी निगरानी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी महत्वपूर्ण होगी। नई व्यवस्था की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निर्धारित जोन, रूट और अन्य नियमों का पालन किस तरह कराया जाता है।

आरटीओ ने क्या कहा

आरटीओ रिंकु शर्मा के मुताबिक, ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या को देखते हुए उनके संचालन को व्यवस्थित करना जरूरी हो गया है। यातायात और परिवहन विभाग मिलकर इसका ब्लूप्रिंट तैयार कर रहे हैं। प्रस्ताव को अंतिम रूप दिए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Back to top button