UCC पर केंद्र का बड़ा प्लान, 2029 से पहले NDA शासित राज्यों में विस्तार का संकेत

अमित शाह के बयान के बाद समान नागरिक संहिता को लेकर NDA शासित राज्यों में बहस

नई दिल्ली। समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर केंद्र सरकार की रणनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संकेत दिया है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा और उसके सहयोगी दलों के शासन वाले राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।

अमित शाह के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में व्यक्तिगत कानूनों को लेकर समान व्यवस्था की जरूरत पर सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में UCC लागू हो चुका है और अन्य राज्यों में भी इसे लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

समान कानूनी व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा UCC

गृहमंत्री ने UCC को नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था से जोड़ते हुए कहा कि विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में अलग-अलग प्रावधानों के स्थान पर समान नियम होने चाहिए। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों से जुड़े कदमों का उल्लेख करते हुए तीन तलाक खत्म किए जाने को भी इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा बताया।

बयान के बाद बढ़ सकती है राजनीतिक सरगर्मी

शाह के इस बयान के बाद UCC को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने के आसार हैं। विपक्षी दलों ने सरकार के इस रुख पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश बताया है। वहीं, भाजपा की ओर से इसे समानता और समान अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण सुधार बताया जा रहा है।

उत्तराखंड के बाद अन्य राज्यों पर नजर

उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद अब अन्य राज्यों में भी इसे लागू करने की संभावनाओं पर चर्चा तेज हुई है। ऐसे में अमित शाह का ताजा बयान आने वाले समय में इस मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में बनाए रखने का संकेत माना जा रहा है।

सामाजिक और कानूनी प्रभावों पर बहस जारी

UCC को लेकर केंद्र और राज्यों की भूमिका के साथ-साथ इसके सामाजिक, कानूनी और राजनीतिक प्रभावों पर भी बहस जारी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि NDA शासित राज्य इस दिशा में कितनी तेजी से कदम उठाते हैं।

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