
जबलपुर। ग्वारीघाट स्थित ललपुर रोड के प्रसिद्ध रजत गणेश मंदिर में आस्था, भक्ति और अलौकिक चमत्कारों का ऐसा अद्वितीय महासंगम देखने को मिल रहा है, जिसकी मिसाल मिलना दुर्लभ है। मंदिर में स्थापित चांदी से बनी चालीस किलो की मूर्ति के समक्ष मन्नत मांगने पर भक्तों के जन्म-जन्मांतर के कष्ट, दुख और दारिद्र्य भस्म हो रहे हैं।
मत्स्य पुराण के अकाट्य और परम पवित्र विधानों के अनुसार, चांदी निर्मित श्री गणेश विग्रह में स्वयं प्रभु श्री गणेश जी साक्षात रूप से संपूर्ण कलाओं के साथ विराजमान रहते हैं। यही कारण है कि यहाँ मांगी गई हर छोटी से बड़ी मन्नत पूरी हो रही है। इस चमत्कारिक सत्य के फैलते ही मंदिर प्रांगण में अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा है।
आज मंदिर में भगवान श्री गणेश जी का भगवा वस्त्रों में इतना अलौकिक, भव्य और नयनाभिराम श्रृंगार किया गया कि ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो साक्षात स्वर्गलोक धरती पर उतर आया हो। इस अवसर पर मंदिर के पूज्य महंत श्री प्रमोद महाराज जी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि विगत तीन-चार दिनों से उमड़ती भीड़ को देखते हुए रात्रि दो बजे तक दर्शन और मन्नत मांगने हेतु कपाट खुले रहेंगे।
चांदी के विग्रह में भगवान के वास का शास्त्रीय उल्लेख
इसी अवसर पर मंदिर के संयोजक डॉ. रवि राय ने कहा कि शास्त्रों में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि चांदी से निर्मित विग्रह में भगवान का वास होता है, फलस्वरूप मनोकामना पूर्ण होती है। कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री राजेश चौहान द्वारा किया गया।
गणमान्य नागरिकों ने की पूजा-अर्चना
इस अवसर पर नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे, जिनमें प्रमुख रूप से महेश दिवाकर, लक्ष्मी तिवारी, रूपनारायण शर्मा जी, खुशीराम खटवानी, पूनम ठाकुर एवं श्रीमती आशा खोसला शामिल थीं। पूजा-अर्चना के पश्चात परिसर में अति-विशाल महाभंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें उमड़े अगाध जनसैलाब ने प्रभु का अलौकिक प्रसाद ग्रहण कर असीम धर्म लाभ उठाया।