
जबलपुर। ग्राम फुलर भीटा में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ रविवार को श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के बीच हुआ। कथा प्रारंभ होने से पूर्व भगवान श्रीमद्भागवत महापुराण की भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
कलियुग में भागवत ही भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का मार्ग
प्रथम दिवस पर कथा व्यास परम पूज्य श्रीमद् जगद्गुरु डॉ. स्वामी नरसिंहदेवाचार्य जी महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण के माहात्म्य का भावपूर्ण निरूपण करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण भगवान श्रीकृष्ण का वाङ्मय स्वरूप है। कलियुग में जब मनुष्य मानसिक अशांति, मोह एवं भौतिक आकर्षणों से घिरा हुआ है, तब श्रीमद्भागवत ही उसे भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य का सच्चा मार्ग प्रदान करती है। कथा का श्रवण केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, सदाचार और परमात्मा से साक्षात्कार का दिव्य माध्यम है।
उन्होंने कहा कि जहां श्रद्धा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होता है, वहां समस्त तीर्थ, देवी-देवताओं एवं ऋषि-मुनियों का दिव्य वास माना जाता है। श्रद्धापूर्वक कथा श्रवण करने से मनुष्य के पापों का क्षय होता है, अंतःकरण निर्मल होता है तथा भगवान की असीम कृपा प्राप्त होती है।
मुख्य यजमान ने किया व्यास पीठ का पूजन
कथा के मुख्य यजमान सुरेंद्र सिंह ने व्यास पीठ का पूजन किया। इस दौरान राम सिंह, वीरेन्द्र सिंह, ओमकार सिंह, दशरथ सिंह, सत्यनारायण सिंह, सिद्धी विनायक, लवकुश सिंह, रामफल शास्त्री सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
27 सितंबर से 3 अक्टूबर तक होगी कथा
कथा के उपरांत महाआरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। आयोजकों ने बताया कि श्रीमद्भागवत महापुराण कथा 27 सितंबर से 3 अक्टूबर तक होगी। आयोजन प्रतिदिन निर्धारित समय दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक होगा। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से सहपरिवार कथा में शामिल होने का आग्रह किया है।
रिपोर्ट: विध्येश भापकर